बड़वानी में बेमौसम बारिश-आंधी से तबाही:केले-सब्जी की फसलें बर्बाद, किसानों को लाखों का नुकसान

बड़वानी जिले में बुधवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बारिश ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा से पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए, वहीं केले और सब्जियों की फसलें जमीन पर बिछ गईं। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान श्याम कच्छावा ने गुरुवार को खेतों में पहुंचकर बताया कि बुधवार शाम को जिले के कई क्षेत्रों में अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई थी। ग्राम खड़की, टांडा, बिलवानी, मोरनी, बोदरा और नरवाला सहित अनेक गांवों में आंधी का व्यापक असर देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर भी गिर गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय लोग और बिजली विभाग की टीमें गुरुवार सुबह से ही व्यवस्था बहाल करने में जुटी हुई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी केले की फसल तेज हवा के कारण गिर गई। वहीं लौकी, गिलकी, खीरा, करेला सहित अन्य बेल वाली सब्जियों की फसलें भी बांस और खूंटों समेत जमीन पर गिर गईं। किसानों का कहना है कि कुछ ही घंटों की बारिश और आंधी ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बताया कि वे पहले से ही बाजार की परिस्थितियों के कारण परेशानियों का सामना कर रहे थे। अब जब केले के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद जगी थी, तभी बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया। कई किसानों ने लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई है। बारिश और आंधी के बाद किसान अपनी फसलों का नुकसान आंकने में जुटे हैं। सखाराम और भगवान सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के इस संकट में सरकार को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए और हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।

बड़वानी में बेमौसम बारिश-आंधी से तबाही:केले-सब्जी की फसलें बर्बाद, किसानों को लाखों का नुकसान
बड़वानी जिले में बुधवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बारिश ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा से पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए, वहीं केले और सब्जियों की फसलें जमीन पर बिछ गईं। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान श्याम कच्छावा ने गुरुवार को खेतों में पहुंचकर बताया कि बुधवार शाम को जिले के कई क्षेत्रों में अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई थी। ग्राम खड़की, टांडा, बिलवानी, मोरनी, बोदरा और नरवाला सहित अनेक गांवों में आंधी का व्यापक असर देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर भी गिर गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय लोग और बिजली विभाग की टीमें गुरुवार सुबह से ही व्यवस्था बहाल करने में जुटी हुई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। खेतों में तैयार खड़ी केले की फसल तेज हवा के कारण गिर गई। वहीं लौकी, गिलकी, खीरा, करेला सहित अन्य बेल वाली सब्जियों की फसलें भी बांस और खूंटों समेत जमीन पर गिर गईं। किसानों का कहना है कि कुछ ही घंटों की बारिश और आंधी ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बताया कि वे पहले से ही बाजार की परिस्थितियों के कारण परेशानियों का सामना कर रहे थे। अब जब केले के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद जगी थी, तभी बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया। कई किसानों ने लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई है। बारिश और आंधी के बाद किसान अपनी फसलों का नुकसान आंकने में जुटे हैं। सखाराम और भगवान सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के इस संकट में सरकार को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए और हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।