बड़वानी में दोंदाड़ नदी पर 51 साल पुराना पुल जर्जर:डूबने पर ग्रामीणों को लगाना पड़ता है 2KM का चक्कर; हादसे की आशंका

बड़वानी जिले की ठीकरी तहसील के दवाना गांव में दोंदाड़ नदी पर बना 51 साल पुराना पुल बेहद जर्जर हो चुका है। बारिश के दिनों में पुल पानी में डूबने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश में डूब जाता है पुल, 2 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर स्थानीय ग्रामीण अभिषेक और संजय ने बताया कि बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल जलमग्न हो जाता है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर का लंबा और अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है। बिना रेलिंग का पुल बना हादसों का सबब, हाट-बाजार जाना मुश्किल पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं है, जिससे पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। दवाना के साप्ताहिक गुरुवार हाट-बाजार और भावसिंह बाबा मंदिर परिसर जाने के लिए हजारों लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। सरपंच बोलीं- CM और प्रभारी मंत्री को दिए प्रस्ताव, अब तक नहीं हुई सुनवाई ग्राम पंचायत दवाना की सरपंच सुनीता कनासे ने बताया कि नए पुल निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के बड़वानी आगमन पर और प्रभारी मंत्री समेत कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से तत्काल नया पुल बनाने की मांग ग्रामीण सुदामा और राम सिंह ने मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण स्वीकृत किया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने अपील की है कि नया पुल बनने तक यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

बड़वानी में दोंदाड़ नदी पर 51 साल पुराना पुल जर्जर:डूबने पर ग्रामीणों को लगाना पड़ता है 2KM का चक्कर; हादसे की आशंका
बड़वानी जिले की ठीकरी तहसील के दवाना गांव में दोंदाड़ नदी पर बना 51 साल पुराना पुल बेहद जर्जर हो चुका है। बारिश के दिनों में पुल पानी में डूबने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश में डूब जाता है पुल, 2 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर स्थानीय ग्रामीण अभिषेक और संजय ने बताया कि बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल जलमग्न हो जाता है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब दो किलोमीटर का लंबा और अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता है। बिना रेलिंग का पुल बना हादसों का सबब, हाट-बाजार जाना मुश्किल पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग तक नहीं है, जिससे पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। दवाना के साप्ताहिक गुरुवार हाट-बाजार और भावसिंह बाबा मंदिर परिसर जाने के लिए हजारों लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। सरपंच बोलीं- CM और प्रभारी मंत्री को दिए प्रस्ताव, अब तक नहीं हुई सुनवाई ग्राम पंचायत दवाना की सरपंच सुनीता कनासे ने बताया कि नए पुल निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के बड़वानी आगमन पर और प्रभारी मंत्री समेत कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से तत्काल नया पुल बनाने की मांग ग्रामीण सुदामा और राम सिंह ने मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण स्वीकृत किया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने अपील की है कि नया पुल बनने तक यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।