छठवीं बटालियन में पदस्थ दो पुलिसकर्मी की मौत:सैलरी पैकेज योजना में दिए परिजनों को 10-10 लाख, पुलिस-एसबीआई का अनुबंध; आकस्मिक स्थिति में आर्थिक मदद

छठवीं बटालियन जबलपुर में पदस्थ रहे शेषमणि मिश्रा (ASI) और आरक्षक न्यूनेस कुजूर की एक माह पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। परिवार में आचानक आई विपत्ति के बाद पुलिस विभाग और एसबीआई बैंक के अधिकारी आगे आए। एसबीआई ने टर्फ लाइफ इंश्योरेंस के तहत पीड़ित परिवार वालों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की है, जो कि पुलिसकर्मी की मौत के बाद उनके परिवार वाले उपयोग कर सके। शेषमणि मिश्रा और न्यूनेस कुजूर दोनों ही बटालियन में पदस्थ थे। कुछ दिनों से बीमार रहने के चलते जून 2026 में उनका निधन हो गया। विभाग की और से दोनों को टर्म लाइफ इंश्योरेंस पालिसी के तहत बीमा करवाया गया था। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय की वेलफेयर शाखा और एसबीआई ने शुक्रवार को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत दोनों परिवार वालों को 10-10 लाख रुपए का चेक दिया है। ये वह राशि है जो कि पुलिसकर्मियों के टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत दी गई है, इस दौरान मृत पुलिसकर्मियों के परिवार वालों के साथ-साथ छठवीं बटालियन के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी, बैंक मैनेजर आनंद बिल्लौरे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। दरअसल पुलिस मुख्यालय और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत अनुबंध हुआ है, जिसमें कि अगर पुलिस में सेवा के दौरान अगर किसी कर्मचारी की सामान्य मृत्यु हो जाती है तो उन्हें बीमा की राशि दी जाती है। छठवीं बटालियन में पदस्थ कमाडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि उनके यहां करीब साढ़े 1400 पुलिस कर्मचारी पदस्थ है। एसबीआई बैंक की त्वारित सेवा को देखते हुए पुलिस विभाग ने टर्फ लाइम इंश्योरेंस का अनुबंध किया है, जिसके चलते सभी कर्मचारीयों का बीमा करवाया गया है। एक्सीडेंटल डेथ में करीब 1 करोड़ और सामान्य बीमारी में मौत से 10 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है, जो कि मृत पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को सौंपा गया है। कमाडेंट ने कहा कि हम अपने शहीद साथियों के परिवारों के दुख में उनके साथ खड़े हैं। एसबीआई बैंक मैनेजर आनंद बिल्लौरे ने बताया कि पुलिस डिपार्टमेंट के साथ हमारा बहुत पुराना संबंध है। मध्यप्रदेश पुलिस के साथ बैंक का अनुबंध है। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत आज अधिकारियों की मौजूदगी में 10-10 लाख की आर्थिक मदद कि गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पुलिस जवानों के परिवारों को आकस्मिक स्थिति में आर्थिक संबल देना है। बैंक और पुलिस विभाग ने कहा कि आगे भी यह संबंध इसी तरह बना रहेगा।

छठवीं बटालियन में पदस्थ दो पुलिसकर्मी की मौत:सैलरी पैकेज योजना में दिए परिजनों को 10-10 लाख, पुलिस-एसबीआई का अनुबंध; आकस्मिक स्थिति में आर्थिक मदद
छठवीं बटालियन जबलपुर में पदस्थ रहे शेषमणि मिश्रा (ASI) और आरक्षक न्यूनेस कुजूर की एक माह पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। परिवार में आचानक आई विपत्ति के बाद पुलिस विभाग और एसबीआई बैंक के अधिकारी आगे आए। एसबीआई ने टर्फ लाइफ इंश्योरेंस के तहत पीड़ित परिवार वालों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की है, जो कि पुलिसकर्मी की मौत के बाद उनके परिवार वाले उपयोग कर सके। शेषमणि मिश्रा और न्यूनेस कुजूर दोनों ही बटालियन में पदस्थ थे। कुछ दिनों से बीमार रहने के चलते जून 2026 में उनका निधन हो गया। विभाग की और से दोनों को टर्म लाइफ इंश्योरेंस पालिसी के तहत बीमा करवाया गया था। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय की वेलफेयर शाखा और एसबीआई ने शुक्रवार को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत दोनों परिवार वालों को 10-10 लाख रुपए का चेक दिया है। ये वह राशि है जो कि पुलिसकर्मियों के टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत दी गई है, इस दौरान मृत पुलिसकर्मियों के परिवार वालों के साथ-साथ छठवीं बटालियन के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी, बैंक मैनेजर आनंद बिल्लौरे सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। दरअसल पुलिस मुख्यालय और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत अनुबंध हुआ है, जिसमें कि अगर पुलिस में सेवा के दौरान अगर किसी कर्मचारी की सामान्य मृत्यु हो जाती है तो उन्हें बीमा की राशि दी जाती है। छठवीं बटालियन में पदस्थ कमाडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि उनके यहां करीब साढ़े 1400 पुलिस कर्मचारी पदस्थ है। एसबीआई बैंक की त्वारित सेवा को देखते हुए पुलिस विभाग ने टर्फ लाइम इंश्योरेंस का अनुबंध किया है, जिसके चलते सभी कर्मचारीयों का बीमा करवाया गया है। एक्सीडेंटल डेथ में करीब 1 करोड़ और सामान्य बीमारी में मौत से 10 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है, जो कि मृत पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को सौंपा गया है। कमाडेंट ने कहा कि हम अपने शहीद साथियों के परिवारों के दुख में उनके साथ खड़े हैं। एसबीआई बैंक मैनेजर आनंद बिल्लौरे ने बताया कि पुलिस डिपार्टमेंट के साथ हमारा बहुत पुराना संबंध है। मध्यप्रदेश पुलिस के साथ बैंक का अनुबंध है। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत आज अधिकारियों की मौजूदगी में 10-10 लाख की आर्थिक मदद कि गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पुलिस जवानों के परिवारों को आकस्मिक स्थिति में आर्थिक संबल देना है। बैंक और पुलिस विभाग ने कहा कि आगे भी यह संबंध इसी तरह बना रहेगा।