कानड़ में कुएं में मिला मृत कुत्ता:स्थानीय लोगों की CM0 को सस्पेंड करने की मांग, FIR के लिए कलेक्टर के पास पहुंचे

आगर मालवा जिले के कानड़ में पेयजल आपूर्ति में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक खुले कुएं में मृत कुत्ता मिलने के बाद भी उसी कुएं से नागरिकों को पानी सप्लाई किया गया। बुधवार को नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 17 फरवरी 2026 को वार्ड क्रमांक 01 से 05 तक एक निजी खुले कुएं से पानी की आपूर्ति की जा रही थी। आरोप है कि इस कुएं में पिछले लगभग पांच दिनों से एक मृत कुत्ता पड़ा हुआ था, जो पूरी तरह सड़-गल चुका था। इसके बावजूद, इसी कुएं का पानी नागरिकों को लगातार सप्लाई किया जाता रहा। नागरिकों का कहना है कि दूषित पानी की शिकायत नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ को की गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जागरूक नागरिक स्वयं मौके पर पहुंचे और कुएं में सड़ा हुआ कुत्ता पाया। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद सीएमओ और अध्यक्ष ने कर्मचारियों को भेजकर मृत कुत्ते को हटाने और सबूत नष्ट करने का प्रयास किया, जबकि नागरिकों की मांग थी कि मृत पशु का पोस्टमार्टम कराया जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कुआं खुला हुआ है और इसमें पहले भी जानवर गिरकर मर चुके हैं। ऐसे में इसे पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग करना गंभीर लापरवाही है। नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शिव सिंह चौहान पर लंबे समय से नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए तत्काल निलंबन की मांग की है। इसी संबंध में एक ज्ञापन कानड़ थाने में भी दिया गया है। इसमें नगरवासियों का धर्म भ्रष्ट करने, दूषित पानी सप्लाई करने और साक्ष्य मिटाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

कानड़ में कुएं में मिला मृत कुत्ता:स्थानीय लोगों की CM0 को सस्पेंड करने की मांग, FIR के लिए कलेक्टर के पास पहुंचे
आगर मालवा जिले के कानड़ में पेयजल आपूर्ति में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। एक खुले कुएं में मृत कुत्ता मिलने के बाद भी उसी कुएं से नागरिकों को पानी सप्लाई किया गया। बुधवार को नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 17 फरवरी 2026 को वार्ड क्रमांक 01 से 05 तक एक निजी खुले कुएं से पानी की आपूर्ति की जा रही थी। आरोप है कि इस कुएं में पिछले लगभग पांच दिनों से एक मृत कुत्ता पड़ा हुआ था, जो पूरी तरह सड़-गल चुका था। इसके बावजूद, इसी कुएं का पानी नागरिकों को लगातार सप्लाई किया जाता रहा। नागरिकों का कहना है कि दूषित पानी की शिकायत नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ को की गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जागरूक नागरिक स्वयं मौके पर पहुंचे और कुएं में सड़ा हुआ कुत्ता पाया। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद सीएमओ और अध्यक्ष ने कर्मचारियों को भेजकर मृत कुत्ते को हटाने और सबूत नष्ट करने का प्रयास किया, जबकि नागरिकों की मांग थी कि मृत पशु का पोस्टमार्टम कराया जाए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कुआं खुला हुआ है और इसमें पहले भी जानवर गिरकर मर चुके हैं। ऐसे में इसे पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोग करना गंभीर लापरवाही है। नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शिव सिंह चौहान पर लंबे समय से नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए तत्काल निलंबन की मांग की है। इसी संबंध में एक ज्ञापन कानड़ थाने में भी दिया गया है। इसमें नगरवासियों का धर्म भ्रष्ट करने, दूषित पानी सप्लाई करने और साक्ष्य मिटाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।