सीहोर में न्यूनतम तापमान 8.5°C, बादल छाए:तीन दिन बाद तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोतरी, मावठे की बारिश के आसार

सीहोर जिले में सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लगातार तीन दिन न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा था। बीते 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में हल्के बादल छाने शुरू हो गए हैं। यह आगामी दिनों में मावठे (शीतकालीन बारिश) की संभावना का स्पष्ट संकेत है। वहीं, अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने के बाद बादलों के छाने से तापमान में वृद्धि हुई है। हवाओं की दिशा भी पूर्व की ओर हो गई है। कुल मिलाकर, आसमान में बादलों की सघनता लगातार बढ़ रही है, जिससे मावठे की बारिश की प्रबल संभावना बन रही है। बादल छाने से चने की फसल में इल्लियां लगेंगी शासकीय कृषि महाविद्यालय स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तोमर ने बताया कि इस प्रकार के मौसम में जब आसमान पर बादल छाते हैं, तो चने की फसल में इल्लियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी मावठे की बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां निर्मित होने का संकेत है।

सीहोर में न्यूनतम तापमान 8.5°C, बादल छाए:तीन दिन बाद तापमान में 3 डिग्री की बढ़ोतरी, मावठे की बारिश के आसार
सीहोर जिले में सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार, शनिवार और रविवार को लगातार तीन दिन न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा था। बीते 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में हल्के बादल छाने शुरू हो गए हैं। यह आगामी दिनों में मावठे (शीतकालीन बारिश) की संभावना का स्पष्ट संकेत है। वहीं, अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने के बाद बादलों के छाने से तापमान में वृद्धि हुई है। हवाओं की दिशा भी पूर्व की ओर हो गई है। कुल मिलाकर, आसमान में बादलों की सघनता लगातार बढ़ रही है, जिससे मावठे की बारिश की प्रबल संभावना बन रही है। बादल छाने से चने की फसल में इल्लियां लगेंगी शासकीय कृषि महाविद्यालय स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तोमर ने बताया कि इस प्रकार के मौसम में जब आसमान पर बादल छाते हैं, तो चने की फसल में इल्लियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी मावठे की बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां निर्मित होने का संकेत है।