शहडोल में भी दिखा 10 हाथियों का दल:ब्यौहारी क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा कर संजय टाइगर रिजर्व के लिए हुए रवाना

छत्तीसगढ़ से आए 10 हाथियों के दल ने शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र के ब्यौहारी में दस्तक दी है। वे मंगलवार दोपहर संजय टाइगर रिजर्व की ओर रवाना हो गए। ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के देवरा एवं सरवाही गांव में दो दिन पहले 10 हाथियों ने दस्तक दी थी। किसानों की फसलों को काफी नुकसान भी पहुंचा था। गांव में जब हाथी आए, तब स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी वन अमले को दी थी, जिसके बाद वन विभाग की दो टीमें हाथियों की निगरानी कर रही हैं। टाइगर रिजर्व की सीमा से जुड़े होने के कारण यहां जंगली जानवरों का आना-जाना बना रहता है। ब्यौहारी एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे ने बताया कि 10 हाथियों का दल दो दिन पहले इस क्षेत्र में आया था, जिसकी निगरानी के लिए दो टीमों का गठन किया है। इसमें कुल 14 लोग शामिल हैं। अब हाथी संजय टाइगर रिजर्व की ओर चले गए हैं। दिन में वह टाइगर रिजर्व की सीमा में रहते हैं। रात होते ही फसलों को खाने इधर आ जाते हैं। कई क्षेत्रों में मुनादी भी कराई जा रही है कि जंगल की ओर ना जाएं। गौरतलब है कि ​​​​​​हाल ही में ​बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत हो गई थी। इसके बाद से वन अमला क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहा है।

शहडोल में भी दिखा 10 हाथियों का दल:ब्यौहारी क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा कर संजय टाइगर रिजर्व के लिए हुए रवाना
छत्तीसगढ़ से आए 10 हाथियों के दल ने शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र के ब्यौहारी में दस्तक दी है। वे मंगलवार दोपहर संजय टाइगर रिजर्व की ओर रवाना हो गए। ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के देवरा एवं सरवाही गांव में दो दिन पहले 10 हाथियों ने दस्तक दी थी। किसानों की फसलों को काफी नुकसान भी पहुंचा था। गांव में जब हाथी आए, तब स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी वन अमले को दी थी, जिसके बाद वन विभाग की दो टीमें हाथियों की निगरानी कर रही हैं। टाइगर रिजर्व की सीमा से जुड़े होने के कारण यहां जंगली जानवरों का आना-जाना बना रहता है। ब्यौहारी एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे ने बताया कि 10 हाथियों का दल दो दिन पहले इस क्षेत्र में आया था, जिसकी निगरानी के लिए दो टीमों का गठन किया है। इसमें कुल 14 लोग शामिल हैं। अब हाथी संजय टाइगर रिजर्व की ओर चले गए हैं। दिन में वह टाइगर रिजर्व की सीमा में रहते हैं। रात होते ही फसलों को खाने इधर आ जाते हैं। कई क्षेत्रों में मुनादी भी कराई जा रही है कि जंगल की ओर ना जाएं। गौरतलब है कि ​​​​​​हाल ही में ​बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत हो गई थी। इसके बाद से वन अमला क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहा है।