बीजापुर में चक्रीय निधि से ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का संबल
बीजापुर में चक्रीय निधि से ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का संबल
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 5 मई। बीजापुर जिले के वनमण्डल अंतर्गत चक्रीय निधि राशि के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार हेतु ऋण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। परिक्षेत्र पामेड़ एवं आवापल्ली से चयनित हितग्राहियों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
इस योजना के तहत दिलीप बीराबोइन को 2 लाख रुपये, दिनेश कुमार कचलाम को 3 लाख रुपये तथा जोशिला भगत को 2 लाख रुपये की राशि किराना दुकान संचालन हेतु वन प्रबंध समिति कोत्तापल्ली, मूरदोण्डा के माध्यम से प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त नागुल सत्यनारायण को ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं डोजर क्रय हेतु 10 लाख रुपये की सहायता आवापल्ली समिति के माध्यम से दी गई है।
इन वित्तीय सहयोगों से हितग्राही अब स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। किराना दुकान संचालन, कृषि उपकरणों के उपयोग और अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बीजापुर जिले को नक्सल मुक्त होने के पश्चात मुख्यधारा से जोड़ते हुए ग्रामीणों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, पलायन को रोकना तथा स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। चक्रीय निधि के अंतर्गत प्रदान किए गए ऋण को सरल शर्तों के साथ वापस जमा कर हितग्राही पुन: लाभ ले सकते हैं, साथ ही अन्य पात्र ग्रामीण भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
हितग्राहियों ने छत्तीसगढ़ शासन के वन, जल एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मंत्री केदार कश्यप सहित शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बीजापुर, 5 मई। बीजापुर जिले के वनमण्डल अंतर्गत चक्रीय निधि राशि के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार हेतु ऋण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। परिक्षेत्र पामेड़ एवं आवापल्ली से चयनित हितग्राहियों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
इस योजना के तहत दिलीप बीराबोइन को 2 लाख रुपये, दिनेश कुमार कचलाम को 3 लाख रुपये तथा जोशिला भगत को 2 लाख रुपये की राशि किराना दुकान संचालन हेतु वन प्रबंध समिति कोत्तापल्ली, मूरदोण्डा के माध्यम से प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त नागुल सत्यनारायण को ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं डोजर क्रय हेतु 10 लाख रुपये की सहायता आवापल्ली समिति के माध्यम से दी गई है।
इन वित्तीय सहयोगों से हितग्राही अब स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। किराना दुकान संचालन, कृषि उपकरणों के उपयोग और अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बीजापुर जिले को नक्सल मुक्त होने के पश्चात मुख्यधारा से जोड़ते हुए ग्रामीणों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, पलायन को रोकना तथा स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। चक्रीय निधि के अंतर्गत प्रदान किए गए ऋण को सरल शर्तों के साथ वापस जमा कर हितग्राही पुन: लाभ ले सकते हैं, साथ ही अन्य पात्र ग्रामीण भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
हितग्राहियों ने छत्तीसगढ़ शासन के वन, जल एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मंत्री केदार कश्यप सहित शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।