खटिया पर नदी पार कराई, रास्ते में हुआ प्रसव:छिंदवाड़ा में सड़क न होने से एम्बुलेंस नहीं पहुंची, डिलीवरी के बाद बाइक से अस्पताल लाए

छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन खटिया में लिटाकर नदी पार कराने को मजबूर हो गए। इसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। बाद में जच्चा-बच्चा को किसी तरह नदी पार कराया गया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार दोनों को बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। मामला हथोड़ा गांव के लोहरी मोहल्ले का है। जानकारी के गांव के लोहरी मोहल्ले में करीब 20 परिवार निवासरत हैं। मोहल्ले तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में नदी उफान पर होने से गांव का संपर्क कट जाता है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण गोपाल विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी भाभी 35 वर्षीय सविता विश्वकर्मा, पति शंकर विश्वकर्मा को गुरुवार शाम अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई थी। परिजनों ने एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार कराना शुरू किया। इसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस नहीं आई तो बाइक से ले गए अस्पताल ग्रामीणों ने किसी तरह जच्चा-बच्चा को नदी पार कराया और एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद दोनों को बाइक से अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोहरी मोहल्ले में वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आपात स्थिति में ना एम्बुलेंस पहुंचती है और ना ही कोई अन्य वाहन। ऐसे में लोगों को मरीजों को खटिया के सहारे नदी पार कराना पड़ता है। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों ने जल्द पुल निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

खटिया पर नदी पार कराई, रास्ते में हुआ प्रसव:छिंदवाड़ा में सड़क न होने से एम्बुलेंस नहीं पहुंची, डिलीवरी के बाद बाइक से अस्पताल लाए
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा में गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन खटिया में लिटाकर नदी पार कराने को मजबूर हो गए। इसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। बाद में जच्चा-बच्चा को किसी तरह नदी पार कराया गया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार दोनों को बाइक से अस्पताल ले जाना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। मामला हथोड़ा गांव के लोहरी मोहल्ले का है। जानकारी के गांव के लोहरी मोहल्ले में करीब 20 परिवार निवासरत हैं। मोहल्ले तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दिनों में नदी उफान पर होने से गांव का संपर्क कट जाता है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण गोपाल विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी भाभी 35 वर्षीय सविता विश्वकर्मा, पति शंकर विश्वकर्मा को गुरुवार शाम अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई थी। परिजनों ने एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार कराना शुरू किया। इसी दौरान रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस नहीं आई तो बाइक से ले गए अस्पताल ग्रामीणों ने किसी तरह जच्चा-बच्चा को नदी पार कराया और एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी देर तक वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद दोनों को बाइक से अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोहरी मोहल्ले में वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आपात स्थिति में ना एम्बुलेंस पहुंचती है और ना ही कोई अन्य वाहन। ऐसे में लोगों को मरीजों को खटिया के सहारे नदी पार कराना पड़ता है। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों ने जल्द पुल निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।