10 साल से अटकी केशकाल बायपास परियोजना में आई तेजी, कलेक्टर ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण
10 साल से अटकी केशकाल बायपास परियोजना में आई तेजी, कलेक्टर ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण
छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल, 19 जून। लगभग एक दशक से विभिन्न कारणों से अटकी बहुप्रतीक्षित केशकाल बायपास परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। लंबे समय तक भूमि, वन स्वीकृति, अलाइनमेंट और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझी रही इस महत्वपूर्ण सडक़ परियोजना को लेकर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में कोंडागांव कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने गुरुवार को निर्माणाधीन केशकाल घाट बायपास मार्ग का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण एजेंसी को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना तथा निर्माण की समय-सीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से बायपास मार्ग में बनने वाले पुलों, कटिंग कार्य, सडक़ निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए सभी कार्यों को सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना बस्तर और राजधानी रायपुर के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए।
10 वर्षों का लंबा इंतजार, शुरू हुआ निर्माण कार्य
केशकाल बायपास परियोजना पिछले लगभग 10 वर्षों से विभिन्न कारणों से अटकी हुई थी। प्रारंभिक अलाइनमेंट को लेकर विवाद, वन क्षेत्र की अनुमति, पर्यावरणीय प्रक्रियाएं और तकनीकी अड़चनों के कारण परियोजना समय पर आगे नहीं बढ़ पाई।
इस दौरान घाटी में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं और जाम की समस्या से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा।बाद में अलाइनमेंट में आवश्यक सुधार किए गए और विभिन्न स्तरों पर स्वीकृतियां मिलने के बाद परियोजना को पुन: गति मिली। अब निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी होने के बाद जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी दिखाई देने लगी है।
308 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक बायपास
करीब 308 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बायपास मार्ग 11.38 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के अंतर्गत दो वृहद पुल तथा दो मध्यम पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। यह मार्ग केशकाल घाटी के घुमावदार और संवेदनशील हिस्से को बायपास करेगा, जिससे यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत
केशकाल घाटी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त हिस्सा माना जाता है। बरसात के मौसम में भूस्खलन, भारी वाहनों की आवाजाही और सडक़ दुर्घटनाओं के कारण अक्सर घंटों तक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। बायपास निर्माण पूरा होने के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। इससे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर और बस्तर संभाग के अन्य राज्यों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम केशकाल आकांक्षा नायक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
केशकाल, 19 जून। लगभग एक दशक से विभिन्न कारणों से अटकी बहुप्रतीक्षित केशकाल बायपास परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। लंबे समय तक भूमि, वन स्वीकृति, अलाइनमेंट और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझी रही इस महत्वपूर्ण सडक़ परियोजना को लेकर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में कोंडागांव कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने गुरुवार को निर्माणाधीन केशकाल घाट बायपास मार्ग का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण एजेंसी को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना तथा निर्माण की समय-सीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से बायपास मार्ग में बनने वाले पुलों, कटिंग कार्य, सडक़ निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए सभी कार्यों को सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना बस्तर और राजधानी रायपुर के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए तथा गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए।
10 वर्षों का लंबा इंतजार, शुरू हुआ निर्माण कार्य
केशकाल बायपास परियोजना पिछले लगभग 10 वर्षों से विभिन्न कारणों से अटकी हुई थी। प्रारंभिक अलाइनमेंट को लेकर विवाद, वन क्षेत्र की अनुमति, पर्यावरणीय प्रक्रियाएं और तकनीकी अड़चनों के कारण परियोजना समय पर आगे नहीं बढ़ पाई।
इस दौरान घाटी में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटनाओं और जाम की समस्या से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा।बाद में अलाइनमेंट में आवश्यक सुधार किए गए और विभिन्न स्तरों पर स्वीकृतियां मिलने के बाद परियोजना को पुन: गति मिली। अब निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी होने के बाद जमीनी स्तर पर कार्यों में तेजी दिखाई देने लगी है।
308 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक बायपास
करीब 308 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह बायपास मार्ग 11.38 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के अंतर्गत दो वृहद पुल तथा दो मध्यम पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। यह मार्ग केशकाल घाटी के घुमावदार और संवेदनशील हिस्से को बायपास करेगा, जिससे यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत
केशकाल घाटी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त हिस्सा माना जाता है। बरसात के मौसम में भूस्खलन, भारी वाहनों की आवाजाही और सडक़ दुर्घटनाओं के कारण अक्सर घंटों तक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। बायपास निर्माण पूरा होने के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। इससे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर और बस्तर संभाग के अन्य राज्यों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम केशकाल आकांक्षा नायक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।