कोंडागांव, 26 जुलाई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन सम रिगरी के मार्गदर्शन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव गायत्री साय के नेतृत्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजापुर में वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यकम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा आमजन को उपलब्ध कानूनी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यकम में अधिकार मित्र सुप्रिया शील द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाला एक विशेष कानून है, जिसके माध्यम से बालकों एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। साथ ही साइबर अपरधों से बचाव, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, महिला एवं बाल अधिकार, संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने, कानून का सम्मान करने तथा किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नि:शुल्क सहायता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें कानून का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने और अपने परिवार एवं समाज में भी विधिक जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम मैं सहभागिता करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती श्यामलता पदमाकर सहित समस्त शिक्षक गण उपस्थित रहे।
कोंडागांव, 26 जुलाई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन सम रिगरी के मार्गदर्शन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव गायत्री साय के नेतृत्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजापुर में वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यकम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा आमजन को उपलब्ध कानूनी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यकम में अधिकार मित्र सुप्रिया शील द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाला एक विशेष कानून है, जिसके माध्यम से बालकों एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। साथ ही साइबर अपरधों से बचाव, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, महिला एवं बाल अधिकार, संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने, कानून का सम्मान करने तथा किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नि:शुल्क सहायता प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें कानून का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने और अपने परिवार एवं समाज में भी विधिक जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम मैं सहभागिता करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती श्यामलता पदमाकर सहित समस्त शिक्षक गण उपस्थित रहे।