यशवंत क्लब को खेल विभाग में अधिग्रहित करने की मांग:कांग्रेस नेता ने कहा- यशवंत क्लब का मौजूदा स्वरूप शासकीय कलाली और अहाते जैसा
यशवंत क्लब को खेल विभाग में अधिग्रहित करने की मांग:कांग्रेस नेता ने कहा- यशवंत क्लब का मौजूदा स्वरूप शासकीय कलाली और अहाते जैसा
इंदौर के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले यशवंत क्लब में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने क्लब में नए सदस्य बनाने को लेकर सहकारिता विभाग और कलेक्टर को शिकायत कर नए सदस्य बनाने की प्रकिया पर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद अब कांग्रेस नेता ने यशवंत क्लब को खेल विभाग में अधिगृहीत करने की मांग उठाई है। कांग्रेस नेता का कहना है कि इंदौर का यशवंत क्लब अब शराबी, जुआरियों, सटोरियों सहित भूमाफिया की शरणस्थली बन गया है। किसी जमाने में कुलीनों का यशवंत क्लब आज सरकारी कलाली का अहाता बन गया है। मप्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव को लेटर लिखा है। लेटर के साथ यशवंत क्लब की विस्तृत रिपोर्ट भी पहुंचाई है। यादव ने मांग की है कि यशवंत क्लब का खेल विभाग के अंतर्गत अधिग्रहण कर फर्म एवं सोसाइटी से रजिस्ट्रेशन समाप्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार यशवंत क्लब में मौजूद क्रिकेट ग्राउंड को आईडीसीए को सौंपा जाना चाहिए। वर्तमान में आईडीसीए के पास क्रिकेट खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में इंदौर में क्रिकेट खिलाड़ियों का भविष्य चौपट हो रहा है। यशवंत क्लब में मौजूद टेनिस, स्क्वैश, बॉस्केट बॉल, बैडमिंटन जैसी खेल सुविधाओं का उपयोग शराबी, भूमाफिया अपने मनोरंजन के लिए करते हैं। मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव से यह मांग की 1934 में अस्तित्व में आया था क्लब इंदौर में यशवंत क्लब (द यशवंत क्लब) 1934 में इंदौर के महाराजा सर तुकोजी राव तृतीय होलकर के निर्देश पर अस्तित्व में आया था। इस क्लब की स्थापना उनके बेटे युवराज यशवंत राव होलकर के लिए की गई थी। कांग्रेस नेता का आरोप है कि 14 एकड़ में बने इस क्लब की करोड़ों की जमीन का उपयोग चंद लोग शराबखाना बनाकर कर रहे हैं।
इंदौर के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले यशवंत क्लब में एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने क्लब में नए सदस्य बनाने को लेकर सहकारिता विभाग और कलेक्टर को शिकायत कर नए सदस्य बनाने की प्रकिया पर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद अब कांग्रेस नेता ने यशवंत क्लब को खेल विभाग में अधिगृहीत करने की मांग उठाई है। कांग्रेस नेता का कहना है कि इंदौर का यशवंत क्लब अब शराबी, जुआरियों, सटोरियों सहित भूमाफिया की शरणस्थली बन गया है। किसी जमाने में कुलीनों का यशवंत क्लब आज सरकारी कलाली का अहाता बन गया है। मप्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव को लेटर लिखा है। लेटर के साथ यशवंत क्लब की विस्तृत रिपोर्ट भी पहुंचाई है। यादव ने मांग की है कि यशवंत क्लब का खेल विभाग के अंतर्गत अधिग्रहण कर फर्म एवं सोसाइटी से रजिस्ट्रेशन समाप्त किया जाना चाहिए। कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार यशवंत क्लब में मौजूद क्रिकेट ग्राउंड को आईडीसीए को सौंपा जाना चाहिए। वर्तमान में आईडीसीए के पास क्रिकेट खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में इंदौर में क्रिकेट खिलाड़ियों का भविष्य चौपट हो रहा है। यशवंत क्लब में मौजूद टेनिस, स्क्वैश, बॉस्केट बॉल, बैडमिंटन जैसी खेल सुविधाओं का उपयोग शराबी, भूमाफिया अपने मनोरंजन के लिए करते हैं। मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव से यह मांग की 1934 में अस्तित्व में आया था क्लब इंदौर में यशवंत क्लब (द यशवंत क्लब) 1934 में इंदौर के महाराजा सर तुकोजी राव तृतीय होलकर के निर्देश पर अस्तित्व में आया था। इस क्लब की स्थापना उनके बेटे युवराज यशवंत राव होलकर के लिए की गई थी। कांग्रेस नेता का आरोप है कि 14 एकड़ में बने इस क्लब की करोड़ों की जमीन का उपयोग चंद लोग शराबखाना बनाकर कर रहे हैं।