टीकमगढ़ में मकान गिराने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट में तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी, आर्थिक मदद की मांग

टीकमगढ़ के दिगौड़ा कस्बे में मकान तोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। दिगौड़ा निवासी भज्जू कुशवाहा ने बताया कि वे थाने के सामने एक छोटे से भूखंड पर 50 वर्षों से अधिक समय से काबिज हैं। उन्होंने इस जमीन पर कुआं खोदा, वृक्षारोपण किया और बिजली कनेक्शन भी लिया। उनका दावा है कि उन्होंने 50 वर्षों तक शासन को अर्थदंड भी दिया है। कुशवाहा ने बताया कि उनके पास कोई अन्य जमीन नहीं है और परिवार में कुल 13 सदस्य हैं, जो मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी तहसीलदार प्राची जैन ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उनके दो पक्के और एक कच्चे मकान को कड़ाके की ठंड में तोड़ दिया, जिससे उनका परिवार बेघर हो गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, भूमि के संबंध में सिविल न्यायालय जतारा में एक प्रकरण विचाराधीन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटिस की तारीख छिपाकर 7 तारीख को नोटिस तामील कराया गया और 8 तारीख की सुबह पुलिस बल लगाकर जेसीबी से भवन को ध्वस्त कर दिया गया। खड़ी फसल पर जानवर भी छोड़ दिए गए। मौके पर तहसीलदार को विचाराधीन प्रकरण की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग, भवन निर्माण के लिए भूमि का पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की है।

टीकमगढ़ में मकान गिराने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट में तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी, आर्थिक मदद की मांग
टीकमगढ़ के दिगौड़ा कस्बे में मकान तोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। दिगौड़ा निवासी भज्जू कुशवाहा ने बताया कि वे थाने के सामने एक छोटे से भूखंड पर 50 वर्षों से अधिक समय से काबिज हैं। उन्होंने इस जमीन पर कुआं खोदा, वृक्षारोपण किया और बिजली कनेक्शन भी लिया। उनका दावा है कि उन्होंने 50 वर्षों तक शासन को अर्थदंड भी दिया है। कुशवाहा ने बताया कि उनके पास कोई अन्य जमीन नहीं है और परिवार में कुल 13 सदस्य हैं, जो मेहनत-मजदूरी करके अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी तहसीलदार प्राची जैन ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उनके दो पक्के और एक कच्चे मकान को कड़ाके की ठंड में तोड़ दिया, जिससे उनका परिवार बेघर हो गया। पीड़ित परिवार के अनुसार, भूमि के संबंध में सिविल न्यायालय जतारा में एक प्रकरण विचाराधीन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटिस की तारीख छिपाकर 7 तारीख को नोटिस तामील कराया गया और 8 तारीख की सुबह पुलिस बल लगाकर जेसीबी से भवन को ध्वस्त कर दिया गया। खड़ी फसल पर जानवर भी छोड़ दिए गए। मौके पर तहसीलदार को विचाराधीन प्रकरण की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं सुनी। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग, भवन निर्माण के लिए भूमि का पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की है।