छिंदवाड़ा में कड़कड़ाती ठंड का दौर जारी:ग्रामीण क्षेत्रों में 3.7 डिग्री तक लुढ़का तापमान, शहरी क्षेत्र में 6.9 रहा टेम्प्रेचर
छिंदवाड़ा में कड़कड़ाती ठंड का दौर जारी:ग्रामीण क्षेत्रों में 3.7 डिग्री तक लुढ़का तापमान, शहरी क्षेत्र में 6.9 रहा टेम्प्रेचर
छिंदवाड़ा में ठंड का सितम जारी है उत्तरी बर्फीली हवाओं के कारण लगातार तापमान में गिरावट देखी जा रही है। सोमवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान अब तक के सबसे निम्नतम स्तर 3.7 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि शहरी क्षेत्र में 6.9 डिग्री तापमान रहा जिसके कारण लोगों को काफी सर्द हवाओं और कड़कड़ाती ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक संत कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान सीजन का सबसे न्यूनतम स्तर 3.7 पर पहुंचा वही शहरी क्षेत्रों में 6.9 डिग्री पर रहा। ऐसे में लगातार तापमान में आ रही गिरावट के कारण लोगों को आने वाले दिनों में भी भारी ठंड का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के लिए सलाह
शीत लहर के दौरान प्रकाश और लगातार सिंचाई प्रदान करें। स्प्रिंकलर सिंचाई से शीत लहर के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलेगी। शीतलहर के दौरान पौधों के मुख्य तने के पास मिट्टी को काली या चमकीली प्लास्टिक शीट, घास फूस या सरकंडे की घास से ढंके। यह विकिरण अवशोषित कर मिट्टी को ठंडी में भी गर्म बनाए रखता है। गेहूं की फसल में क्राउन रूट स्टेज 20-22 दिन पर पहली सिंचाई करें तथा सरसों और चना में 35 से 40 दिन पर खेत में पर्याप्त नमी के लिए सिंचाई करें।
छिंदवाड़ा में ठंड का सितम जारी है उत्तरी बर्फीली हवाओं के कारण लगातार तापमान में गिरावट देखी जा रही है। सोमवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान अब तक के सबसे निम्नतम स्तर 3.7 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि शहरी क्षेत्र में 6.9 डिग्री तापमान रहा जिसके कारण लोगों को काफी सर्द हवाओं और कड़कड़ाती ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक संत कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तापमान सीजन का सबसे न्यूनतम स्तर 3.7 पर पहुंचा वही शहरी क्षेत्रों में 6.9 डिग्री पर रहा। ऐसे में लगातार तापमान में आ रही गिरावट के कारण लोगों को आने वाले दिनों में भी भारी ठंड का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के लिए सलाह
शीत लहर के दौरान प्रकाश और लगातार सिंचाई प्रदान करें। स्प्रिंकलर सिंचाई से शीत लहर के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलेगी। शीतलहर के दौरान पौधों के मुख्य तने के पास मिट्टी को काली या चमकीली प्लास्टिक शीट, घास फूस या सरकंडे की घास से ढंके। यह विकिरण अवशोषित कर मिट्टी को ठंडी में भी गर्म बनाए रखता है। गेहूं की फसल में क्राउन रूट स्टेज 20-22 दिन पर पहली सिंचाई करें तथा सरसों और चना में 35 से 40 दिन पर खेत में पर्याप्त नमी के लिए सिंचाई करें।