रणजीत हनुमान मंदिर में प्रभातफेरी की तैयारी:आकर्षक लाइटिंग और वंदनवार से सजावट शुरू, भक्तों की टीम कर रही ढोल की प्रैक्ट्रिस
रणजीत हनुमान मंदिर में प्रभातफेरी की तैयारी:आकर्षक लाइटिंग और वंदनवार से सजावट शुरू, भक्तों की टीम कर रही ढोल की प्रैक्ट्रिस
इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो चुकी है। मंदिर को सजाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का काम शुरू हो गया है। मंदिर के बाहर चौराहे पर आकर्षक लाइटिंग का नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं प्रभातफेरी में शामिल होने वाला नासिक का ढोल के कलाकार भी रोजाना शाम को मंदिर में प्रैक्टिस कर रहे है। यह मंदिर से निकलने वाली सबसे बड़ी प्रभातफेरी है। इसमें पिछले साल करीब 5 लाख भक्त कड़ाके की ठंड में शामिल हुए थे। प्रभातफेरी को लेकर प्रचार-प्रसार भी शुरू हो गया है। कलेक्टर करेंगे मंदिर में ध्वजा पूजन मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया चार दिन के मुख्य आयोजन यहां होंगे। 20 दिसंबर को कलेक्टर मंदिर में ध्वजा पूजन करेंगे। इसमें बैंड के साथ 21 शंख वादक रहेंगे। ध्वजा पूजन के दौरान पुष्पवर्षा की जाएगी। यात्रा में निकलने वाली सभी ध्वजाओं का पूजन भी इस दौरान किया जाएगा। 21 दिसंबर को यहां दीपोत्सव मनाया जाएगा। 51 हजार दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर रोशन होगा। भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसंबर को सवा लाख रक्षासूत्रों को सिद्ध किया जाएगा। बाबा के विग्रह का अभिषेक किया जाएगा। उसके बाद 23 दिसंबर की रात को रणजीत हनुमान जी का श्रृंगार किया जाएगा। फूल बंगला सजेगा। सुबह 5 बजे बाबा की प्रभातफेरी निकाली जाएगी। इधर, मंदिर परिसर में मंदिर के भक्तों द्वारा ही ढोल की प्रस्तुति प्रभातफेरी में दी जाएगी। उनके सदस्य यहां पर रोजाना प्रैक्ट्रिस कर रहे है। इस टीम में 150 सदस्य है। मंदिर परिसर के बाहर लाइटिंग लगना शुरू हो चुकी है। चौराहे पर आकर्षक लाइटिंग लगने के साथ ही ध्वजा और वंदनवार भी लगना शुरू हो गए है। पं.दीपेश व्यास ने बताया कि प्रभातफेरी की व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही वे कलेक्टर से मिलकर चर्चा करेंगे।
इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो चुकी है। मंदिर को सजाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का काम शुरू हो गया है। मंदिर के बाहर चौराहे पर आकर्षक लाइटिंग का नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं प्रभातफेरी में शामिल होने वाला नासिक का ढोल के कलाकार भी रोजाना शाम को मंदिर में प्रैक्टिस कर रहे है। यह मंदिर से निकलने वाली सबसे बड़ी प्रभातफेरी है। इसमें पिछले साल करीब 5 लाख भक्त कड़ाके की ठंड में शामिल हुए थे। प्रभातफेरी को लेकर प्रचार-प्रसार भी शुरू हो गया है। कलेक्टर करेंगे मंदिर में ध्वजा पूजन मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया चार दिन के मुख्य आयोजन यहां होंगे। 20 दिसंबर को कलेक्टर मंदिर में ध्वजा पूजन करेंगे। इसमें बैंड के साथ 21 शंख वादक रहेंगे। ध्वजा पूजन के दौरान पुष्पवर्षा की जाएगी। यात्रा में निकलने वाली सभी ध्वजाओं का पूजन भी इस दौरान किया जाएगा। 21 दिसंबर को यहां दीपोत्सव मनाया जाएगा। 51 हजार दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर रोशन होगा। भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसंबर को सवा लाख रक्षासूत्रों को सिद्ध किया जाएगा। बाबा के विग्रह का अभिषेक किया जाएगा। उसके बाद 23 दिसंबर की रात को रणजीत हनुमान जी का श्रृंगार किया जाएगा। फूल बंगला सजेगा। सुबह 5 बजे बाबा की प्रभातफेरी निकाली जाएगी। इधर, मंदिर परिसर में मंदिर के भक्तों द्वारा ही ढोल की प्रस्तुति प्रभातफेरी में दी जाएगी। उनके सदस्य यहां पर रोजाना प्रैक्ट्रिस कर रहे है। इस टीम में 150 सदस्य है। मंदिर परिसर के बाहर लाइटिंग लगना शुरू हो चुकी है। चौराहे पर आकर्षक लाइटिंग लगने के साथ ही ध्वजा और वंदनवार भी लगना शुरू हो गए है। पं.दीपेश व्यास ने बताया कि प्रभातफेरी की व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही वे कलेक्टर से मिलकर चर्चा करेंगे।