केआर टेक्निकल कॉलेज में एआई आधारित शिक्षण पर 5 दिनी फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू
केआर टेक्निकल कॉलेज में एआई आधारित शिक्षण पर 5 दिनी फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 जुलाई। के.आर. टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर में सोमवार से क्लासरूम टीचिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंटीग्रेशन विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग तथा छत्तीसगढ़ सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी (सीजीएसआईटी) के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीजीएसआईटी के सदस्य डॉ. एच. एस. होता ने महाविद्यालय की वर्चुअल लैब का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग केवल शिक्षण संस्थानों तक सीमित न रहकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से चैटजीपीटी, जेमिनी और कोपायलट जैसे एआई टूल्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आह्वान किया तथा अंबिकापुर में एआई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।
महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रीनू जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एआई शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव ला रहा है और इससे शिक्षण, अधिगम एवं मूल्यांकन अधिक प्रभावी बन रहे हैं। वहीं संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रेशम लाल प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षण को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश वर्मा ने वर्चुअल लैब की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें 200 से अधिक वर्चुअल प्रयोग उपलब्ध हैं, जिनका लाभ कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, भूगोल सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई। प्रथम सत्र में डॉ. रीनू जैन ने शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय विषय पर व्याख्यान दिया, जबकि दूसरे सत्र में डॉ. रितेश वर्मा ने एआई की मदद से प्रश्नोत्तरी, गृहकार्य एवं शिक्षण सामग्री तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
महाविद्यालय के उपाध्यक्ष राहुल जैन ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि 27 से 31 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ एआई आधारित शिक्षण, वर्चुअल लैब, डिजिटल उपकरणों और आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों पर प्रशिक्षण देंगे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर, 27 जुलाई। के.आर. टेक्निकल कॉलेज, संजय नगर में सोमवार से क्लासरूम टीचिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंटीग्रेशन विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग तथा छत्तीसगढ़ सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी (सीजीएसआईटी) के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीजीएसआईटी के सदस्य डॉ. एच. एस. होता ने महाविद्यालय की वर्चुअल लैब का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग केवल शिक्षण संस्थानों तक सीमित न रहकर समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से चैटजीपीटी, जेमिनी और कोपायलट जैसे एआई टूल्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने का आह्वान किया तथा अंबिकापुर में एआई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।
महाविद्यालय की निदेशक डॉ. रीनू जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एआई शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव ला रहा है और इससे शिक्षण, अधिगम एवं मूल्यांकन अधिक प्रभावी बन रहे हैं। वहीं संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रेशम लाल प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षण को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रितेश वर्मा ने वर्चुअल लैब की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें 200 से अधिक वर्चुअल प्रयोग उपलब्ध हैं, जिनका लाभ कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, भूगोल सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई। प्रथम सत्र में डॉ. रीनू जैन ने शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय विषय पर व्याख्यान दिया, जबकि दूसरे सत्र में डॉ. रितेश वर्मा ने एआई की मदद से प्रश्नोत्तरी, गृहकार्य एवं शिक्षण सामग्री तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
महाविद्यालय के उपाध्यक्ष राहुल जैन ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि 27 से 31 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञ एआई आधारित शिक्षण, वर्चुअल लैब, डिजिटल उपकरणों और आधुनिक मूल्यांकन पद्धतियों पर प्रशिक्षण देंगे।