सीसीटीवी कैमरों से होगी परीक्षा केंद्रों की निगरानी:नकल रोकने को लेकर माशिमं ने मांगी व्यवस्थाओं की जानकारी
सीसीटीवी कैमरों से होगी परीक्षा केंद्रों की निगरानी:नकल रोकने को लेकर माशिमं ने मांगी व्यवस्थाओं की जानकारी
बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के पहले विभाग ने अपनी और से तैयारियां शुरू कर दी है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में नकल रोकना हैं, यह कवायद प्रदेश स्तर पर जारी है। दरअसल, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा सभी जिलों से परीक्षा केंद्रों की वर्तमान स्थिति और मौजूदा संसाधन की जानकारी बुलवाई है। इसमें सबसे खास सीसीटीवी कैमरों की जानकारी प्राथमिक के आधार पर उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। इस कारण जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की जानकारी तैयार कर प्रस्ताव माशिमं को भेजा है। कक्षा-10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आगामी 25 फरवरी से शुरू होना प्रस्तावित है। इनमें नकल रोकना माशिमं की प्राथमिकता है। इसलिए इस बार डिजीटल संसाधनों की हर संभव मदद लेकर नकल पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है। अमूमन हर बार सितंबर अंत तक ही परीक्षा केंद्र तय हो जाते है। साथ ही इनकी सूची तैयार फाइनल कर लिया जाता है, लेकिन इस बार नई व्यवस्था लागू होने करने के लिए परीक्षा केंद्र तय करने में अभी देरी है। मूलभूत सुविधाएं जरूरी माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी थी। इसमें उन्हीं स्कूलों को केंद्र बनाने के लिए कहा है, जहां फर्नीचर, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं है। इस कारण निजी स्कूलों में इस बार परीक्षा केंद्र शुरू करने की संभावनाएं ज्यादा है। नए परीक्षा केंद्र को शुरू करने के लिए जिपं सीईओ को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। माशिमं के अनुमोदन के बाद परीक्षा केंद्र फाइनल किया जाएगा। जानकारी बनाई बताया जा रहा है कि नकल रोकने के लिए इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें परीक्षा के दौरान निगरानी की व्यवस्था भी डिजिटल रहेगी। ताकि उड़नदस्ता जब नकल की सूचना पर मौके पर पहुंचे तो सीधे केस बनाया जा सके। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के दौरान जहां भी नकल की स्थिति मिलेगी, वहां सीधे उड़नदस्ता टीम कार्रवाई के लिए पहुंचेगी। अब तक आकस्मिक रूप से टीम पहुंचती है। परीक्षा प्रभारी विजय पाठक के अनुसार मंडल ने परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी थी। जानकारी संबंधी प्रस्ताव माशिमं को भेज दिया है।
बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत के पहले विभाग ने अपनी और से तैयारियां शुरू कर दी है। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में नकल रोकना हैं, यह कवायद प्रदेश स्तर पर जारी है। दरअसल, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा सभी जिलों से परीक्षा केंद्रों की वर्तमान स्थिति और मौजूदा संसाधन की जानकारी बुलवाई है। इसमें सबसे खास सीसीटीवी कैमरों की जानकारी प्राथमिक के आधार पर उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। इस कारण जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की जानकारी तैयार कर प्रस्ताव माशिमं को भेजा है। कक्षा-10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आगामी 25 फरवरी से शुरू होना प्रस्तावित है। इनमें नकल रोकना माशिमं की प्राथमिकता है। इसलिए इस बार डिजीटल संसाधनों की हर संभव मदद लेकर नकल पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है। अमूमन हर बार सितंबर अंत तक ही परीक्षा केंद्र तय हो जाते है। साथ ही इनकी सूची तैयार फाइनल कर लिया जाता है, लेकिन इस बार नई व्यवस्था लागू होने करने के लिए परीक्षा केंद्र तय करने में अभी देरी है। मूलभूत सुविधाएं जरूरी माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी थी। इसमें उन्हीं स्कूलों को केंद्र बनाने के लिए कहा है, जहां फर्नीचर, इंटरनेट, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल और टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं है। इस कारण निजी स्कूलों में इस बार परीक्षा केंद्र शुरू करने की संभावनाएं ज्यादा है। नए परीक्षा केंद्र को शुरू करने के लिए जिपं सीईओ को निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। माशिमं के अनुमोदन के बाद परीक्षा केंद्र फाइनल किया जाएगा। जानकारी बनाई बताया जा रहा है कि नकल रोकने के लिए इस बार तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें परीक्षा के दौरान निगरानी की व्यवस्था भी डिजिटल रहेगी। ताकि उड़नदस्ता जब नकल की सूचना पर मौके पर पहुंचे तो सीधे केस बनाया जा सके। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के दौरान जहां भी नकल की स्थिति मिलेगी, वहां सीधे उड़नदस्ता टीम कार्रवाई के लिए पहुंचेगी। अब तक आकस्मिक रूप से टीम पहुंचती है। परीक्षा प्रभारी विजय पाठक के अनुसार मंडल ने परीक्षा केंद्रों की जानकारी मांगी थी। जानकारी संबंधी प्रस्ताव माशिमं को भेज दिया है।