रीवा में डायल 100 के चालकों ने खोला मोर्चा:कम वेतन और ट्रेनिंग के नाम पर वसूली से नाराज, आंदोलन की चेतावनी

रीवा जिले में डायल-100 की एफआरव्ही सेवा से जुड़े पायलटों ने नई वेंडर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पायलटों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि नई कंपनी ने ट्रेनिंग के नाम पर ₹10,000 की डीडी और फोन-पे से ₹10,000 अतिरिक्त की अवैध वसूली कर रही है। प्रमुख पायलट संघ के संजय सिंह चंदेल ने बताया कि पहले पूरे प्रदेश में बीबीजी नाम की कंपनी डायल-100 का संचालन कर रही थी। कंपनी ने ₹12000 प्रतिमाह वेतन का वादा किया, लेकिन पायलटों को महज ₹7600 प्रतिमाह ही दिए गए। बेरोजगारी के चलते पायलटों ने कम वेतन में ही काम करना शुरू कर दिया। नई कंपनी GVK ने ली वेंडरशिप अब डायल-100 संचालन की वेंडरशिप जीवीके (GVK) कंपनी को सौंप दी गई है। पायलटों का आरोप है कि नई कंपनी ने पुराने अनुभव प्राप्त चालकों से भी दोबारा ट्रेनिंग के नाम पर ₹10,000 की डीडी और ₹10,000 फोन पे से मांगना शुरू कर दिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। मांगें नहीं मानी तो पूरे प्रदेश में रुक जाएगी सेवा इस वसूली से परेशान होकर डायल-100 के पायलटों ने सामूहिक रूप से विरोध शुरू किया है। सभी पायलट पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश भर में डायल-100 की सेवाएं प्रभावित होंगी। अवैध वसूली पर लगाम लगाने की अपील पायलटों ने मांग की है कि नई कंपनी के खिलाफ जांच कराई जाए और अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही उन्हें बिना शर्त पुनः ड्यूटी पर लिया जाए और पूर्व निर्धारित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

रीवा में डायल 100 के चालकों ने खोला मोर्चा:कम वेतन और ट्रेनिंग के नाम पर वसूली से नाराज, आंदोलन की चेतावनी
रीवा जिले में डायल-100 की एफआरव्ही सेवा से जुड़े पायलटों ने नई वेंडर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पायलटों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि नई कंपनी ने ट्रेनिंग के नाम पर ₹10,000 की डीडी और फोन-पे से ₹10,000 अतिरिक्त की अवैध वसूली कर रही है। प्रमुख पायलट संघ के संजय सिंह चंदेल ने बताया कि पहले पूरे प्रदेश में बीबीजी नाम की कंपनी डायल-100 का संचालन कर रही थी। कंपनी ने ₹12000 प्रतिमाह वेतन का वादा किया, लेकिन पायलटों को महज ₹7600 प्रतिमाह ही दिए गए। बेरोजगारी के चलते पायलटों ने कम वेतन में ही काम करना शुरू कर दिया। नई कंपनी GVK ने ली वेंडरशिप अब डायल-100 संचालन की वेंडरशिप जीवीके (GVK) कंपनी को सौंप दी गई है। पायलटों का आरोप है कि नई कंपनी ने पुराने अनुभव प्राप्त चालकों से भी दोबारा ट्रेनिंग के नाम पर ₹10,000 की डीडी और ₹10,000 फोन पे से मांगना शुरू कर दिया है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है। मांगें नहीं मानी तो पूरे प्रदेश में रुक जाएगी सेवा इस वसूली से परेशान होकर डायल-100 के पायलटों ने सामूहिक रूप से विरोध शुरू किया है। सभी पायलट पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश भर में डायल-100 की सेवाएं प्रभावित होंगी। अवैध वसूली पर लगाम लगाने की अपील पायलटों ने मांग की है कि नई कंपनी के खिलाफ जांच कराई जाए और अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही उन्हें बिना शर्त पुनः ड्यूटी पर लिया जाए और पूर्व निर्धारित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।