रायसेन में किसान पंचायत:फसल बीमा, बासमती समर्थन मूल्य और मकोड़िया डैम पर किसानों ने रखी मांगें
रायसेन में किसान पंचायत:फसल बीमा, बासमती समर्थन मूल्य और मकोड़िया डैम पर किसानों ने रखी मांगें
रायसेन की कृषि उपज मंडी में किसान जागृति संगठन ने किसान पंचायत का आयोजन किया। इस बैठक में किसानों ने फसल बीमा, फसल के दाम और सिंचाई जैसी कई बड़ी समस्याओं पर चर्चा की। किसानों ने मांग की कि फसल बीमा का लाभ सभी किसानों को मिले और क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी हो। उनका कहना था कि बीमा क्लेम अनावरी (सर्वे) से किया जाए और खसरा स्तर पर दिया जाए। किसानों ने यह भी मांग रखी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से निजी कंपनियों को हटाया जाए। धान की कीमत को लेकर भी किसान पंचायत में आवाज उठी। मोटी देशी धान के लिए 3,100 रुपए प्रति क्विंटल और बासमती धान के लिए 6,000 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की मांग की गई। किसानों का कहना है कि पिछले साल बासमती धान के अच्छे दाम नहीं मिलने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ। पंचायत में मकोड़िया डैम का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने कहा कि बेतवा नदी पर प्रस्तावित इस डैम से रायसेन और विदिशा जिले के करीब 400 गांवों को फायदा होगा। डैम से पेयजल की समस्या हल होगी, सिंचाई के साधन बढ़ेंगे और भूजल स्तर भी सुधरेगा। इसके अलावा किसानों ने फसल कटाई प्रयोग उनके सामने करने और पंचनामे की प्रति देने की मांग की। साथ ही कहा कि हर तहसील में फसलों के औसत उत्पादन के आंकड़ों को मान्यता दी जाए और उसी आधार पर बीमा क्लेम दिया जाए।
रायसेन की कृषि उपज मंडी में किसान जागृति संगठन ने किसान पंचायत का आयोजन किया। इस बैठक में किसानों ने फसल बीमा, फसल के दाम और सिंचाई जैसी कई बड़ी समस्याओं पर चर्चा की। किसानों ने मांग की कि फसल बीमा का लाभ सभी किसानों को मिले और क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी हो। उनका कहना था कि बीमा क्लेम अनावरी (सर्वे) से किया जाए और खसरा स्तर पर दिया जाए। किसानों ने यह भी मांग रखी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से निजी कंपनियों को हटाया जाए। धान की कीमत को लेकर भी किसान पंचायत में आवाज उठी। मोटी देशी धान के लिए 3,100 रुपए प्रति क्विंटल और बासमती धान के लिए 6,000 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की मांग की गई। किसानों का कहना है कि पिछले साल बासमती धान के अच्छे दाम नहीं मिलने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ। पंचायत में मकोड़िया डैम का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों ने कहा कि बेतवा नदी पर प्रस्तावित इस डैम से रायसेन और विदिशा जिले के करीब 400 गांवों को फायदा होगा। डैम से पेयजल की समस्या हल होगी, सिंचाई के साधन बढ़ेंगे और भूजल स्तर भी सुधरेगा। इसके अलावा किसानों ने फसल कटाई प्रयोग उनके सामने करने और पंचनामे की प्रति देने की मांग की। साथ ही कहा कि हर तहसील में फसलों के औसत उत्पादन के आंकड़ों को मान्यता दी जाए और उसी आधार पर बीमा क्लेम दिया जाए।