पीएम आवास की राशि ली, नहीं बनाए मकान:ऐसे 1500 हितग्राही चिन्हित; वसूली के लिए आरआरसी जारी
पीएम आवास की राशि ली, नहीं बनाए मकान:ऐसे 1500 हितग्राही चिन्हित; वसूली के लिए आरआरसी जारी
प्रत्येक घर की छत पक्की हो इस संकल्प को लेकर केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और ग्रामीण शुरू की थी। इस योजना के लाभ से आज तेजी के साथ कच्चे मकान पक्के मकानों मे तब्दील हो रहे हैं। जहां यह सुखद तस्वीर शहर से लेकर गांव तक देखी जा सकती है। वहीं सैकड़ों ऐसे हितग्राही भी है जिन्होंने योजना के तहत राशि का लाभ तो ले लिया, लेकिन मकान नहीं बनाए हैं। इस तरह के करीब 1500 के लगभग हितग्राही चिह्नित किए गए हैं। इन्हें समझाइश भी दी गई, लेकिन इन्होंने मकान बनाने का काम शुरू नहीं किया। अब इनके खिलाफ आरआरसी प्रस्तावित करके राशि वसूली की शुरुआत की गई है। जिले में करीब 8 से 10 करोड़ की राशि वसूली की जाना है। नगरीय क्षेत्रों में वसूली प्रारंभ भी हो चुकी है। करीब 25 लाख की वसूली की गई है। समझाइश बेअसर आवास हितग्राहियों द्वारा राशि लेने के बाद मकान नहीं बनाए जाने के सर्वाधिक मामले ग्रामीण क्षेत्रों के है। करीब 1257 ऐसे हितग्राही चिह्नित किए गए हैं, जिन पर समझाइश बेअसर रही है। इस तरह के मामलों की संख्या सैकड़ों में थी, किंतु फील्ड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर बड़े पैमाने पर लोगों के आवास निर्माण के काम शुरू भी करवाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गंधवानी जनपद और नालछा जनपद में सर्वाधिक मामले सामने आए है। इन दोनों जनपदों में गंधवानी में 275 व 160 हितग्राहियों ने मकान नहीं बनाए हैं। यह पूरे जिले की कुल जनपद का करीब 35 प्रतिशत है। 1276 हितग्राहियों की आरआरसी प्रस्तावित की गई है। 13 निकायों में कई मामले जिले की 11 नगर निकायों में राशि लेकर आवास ना बनाने वाले 381 हितग्राही सामने आए हैं। इनसे करीब पौने 4 करोड़ रूपए वसूले जाना है। जिसमें 25 लाख की वसूली की जा चुकी है। हालांकि वसूली की गति धीमी है। वसूली के मामले में नगर पंचायत धरमपुरी सबसे आगे है। 11 लाख रूपए वसूले गए है। हालांकि इसी नगर पंचायत में सर्वाधिक मामले 130 हितग्राहियों के है। नगर निकायों में दूसरे नंबर पर मांडव है। यहां पर 87 हितग्राही, धार में 28, पीथमपुर में 40, मनावर में 7, राजगढ़ में4, बदनावर में 18, धामनोद में 32, कुक्षी में 28 हितग्राहियों के विरूद्ध आरआरसी जारी हुई है। सबसे मुख्य बात यह है कि सरदारपुर नगर पंचायत में हितग्राहियों ने योजना का लाभ लेकर राशि का सदुपयोग करके अपने पक्के आवास बनाए है। उल्लेखनीय है कि शहरी आवास योजना में ढ़ाई लाख की सहायता की जाती है। इसके तुलनात्मक ग्रामीण क्षेत्र में यह राशि आधी है। गाइड लाइन जारी प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन को लेकर गाइड लाइन जारी हो चुकी है, लेकिन जिले में टारगेट आवंटित नहीं हुए है। नगर निकायों में प्रतिदिन सैकड़ों लोग योजन का लाभ लेने के लिए पूछताछ के लिए आ रहे है। इधर जिला मुख्यालय धार में पीएम आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले एलआईजी, एमआईजी आवास प्रोजेक्ट को फिर लागू करने की मांग उठ रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत आवास नहीं बिकने की संभावना जताई गई। हकीकत यह रही कि इस क्षेत्र में आवास योजना के तहत मिलने वाले मकान के रेट में प्लाट तक नहीं मिल पा रहे है। इस तरह है जनपदों की स्थिति
प्रत्येक घर की छत पक्की हो इस संकल्प को लेकर केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और ग्रामीण शुरू की थी। इस योजना के लाभ से आज तेजी के साथ कच्चे मकान पक्के मकानों मे तब्दील हो रहे हैं। जहां यह सुखद तस्वीर शहर से लेकर गांव तक देखी जा सकती है। वहीं सैकड़ों ऐसे हितग्राही भी है जिन्होंने योजना के तहत राशि का लाभ तो ले लिया, लेकिन मकान नहीं बनाए हैं। इस तरह के करीब 1500 के लगभग हितग्राही चिह्नित किए गए हैं। इन्हें समझाइश भी दी गई, लेकिन इन्होंने मकान बनाने का काम शुरू नहीं किया। अब इनके खिलाफ आरआरसी प्रस्तावित करके राशि वसूली की शुरुआत की गई है। जिले में करीब 8 से 10 करोड़ की राशि वसूली की जाना है। नगरीय क्षेत्रों में वसूली प्रारंभ भी हो चुकी है। करीब 25 लाख की वसूली की गई है। समझाइश बेअसर आवास हितग्राहियों द्वारा राशि लेने के बाद मकान नहीं बनाए जाने के सर्वाधिक मामले ग्रामीण क्षेत्रों के है। करीब 1257 ऐसे हितग्राही चिह्नित किए गए हैं, जिन पर समझाइश बेअसर रही है। इस तरह के मामलों की संख्या सैकड़ों में थी, किंतु फील्ड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर बड़े पैमाने पर लोगों के आवास निर्माण के काम शुरू भी करवाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गंधवानी जनपद और नालछा जनपद में सर्वाधिक मामले सामने आए है। इन दोनों जनपदों में गंधवानी में 275 व 160 हितग्राहियों ने मकान नहीं बनाए हैं। यह पूरे जिले की कुल जनपद का करीब 35 प्रतिशत है। 1276 हितग्राहियों की आरआरसी प्रस्तावित की गई है। 13 निकायों में कई मामले जिले की 11 नगर निकायों में राशि लेकर आवास ना बनाने वाले 381 हितग्राही सामने आए हैं। इनसे करीब पौने 4 करोड़ रूपए वसूले जाना है। जिसमें 25 लाख की वसूली की जा चुकी है। हालांकि वसूली की गति धीमी है। वसूली के मामले में नगर पंचायत धरमपुरी सबसे आगे है। 11 लाख रूपए वसूले गए है। हालांकि इसी नगर पंचायत में सर्वाधिक मामले 130 हितग्राहियों के है। नगर निकायों में दूसरे नंबर पर मांडव है। यहां पर 87 हितग्राही, धार में 28, पीथमपुर में 40, मनावर में 7, राजगढ़ में4, बदनावर में 18, धामनोद में 32, कुक्षी में 28 हितग्राहियों के विरूद्ध आरआरसी जारी हुई है। सबसे मुख्य बात यह है कि सरदारपुर नगर पंचायत में हितग्राहियों ने योजना का लाभ लेकर राशि का सदुपयोग करके अपने पक्के आवास बनाए है। उल्लेखनीय है कि शहरी आवास योजना में ढ़ाई लाख की सहायता की जाती है। इसके तुलनात्मक ग्रामीण क्षेत्र में यह राशि आधी है। गाइड लाइन जारी प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के क्रियान्वयन को लेकर गाइड लाइन जारी हो चुकी है, लेकिन जिले में टारगेट आवंटित नहीं हुए है। नगर निकायों में प्रतिदिन सैकड़ों लोग योजन का लाभ लेने के लिए पूछताछ के लिए आ रहे है। इधर जिला मुख्यालय धार में पीएम आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले एलआईजी, एमआईजी आवास प्रोजेक्ट को फिर लागू करने की मांग उठ रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत आवास नहीं बिकने की संभावना जताई गई। हकीकत यह रही कि इस क्षेत्र में आवास योजना के तहत मिलने वाले मकान के रेट में प्लाट तक नहीं मिल पा रहे है। इस तरह है जनपदों की स्थिति