टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खराब भोजन पर ठेकेदार बाहर:मरीजों की शिकायत पर कलेक्टर ने रद्द किया फूड ठेका

टीकमगढ़ जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर भोजन प्रदाय का ठेका निरस्त कर दिया गया है। मरीजों की लगातार शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने गुरुवार को ठेका निरस्त किए जाने की पुष्टि की है। मरीजों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसूता महिलाओं द्वारा भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और समय पर वितरण को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।बुधवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने नवनिर्मित ओपीडी भवन से की। अधूरे ओपीडी कार्य एक सप्ताह में पूरे करने के निर्देश कलेक्टर ने ओपीडी भवन के अधूरे निर्माण कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सभी अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही सिविल सर्जन को ओपीडी और प्राइवेट रूम जल्द शुरू कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल की रसोई और डिलीवरी वार्ड का भी जायजा लिया। रसोई में स्टॉक और मेनू रजिस्टर मांगने पर ठेकेदार मौके पर उपस्थित नहीं मिला। प्रसूताओं से भोजन वितरण की ली जानकारी डिलीवरी वार्ड में कलेक्टर ने भर्ती महिलाओं से दूध, बिस्किट, भोजन और लड्डू वितरण के संबंध में पूछताछ की। महिलाओं ने बताया कि उन्हें लड्डू नहीं दिए जाते और दूध भी केवल एक समय ही मिलता है। महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सिविल सर्जन और प्रबंधक को दिए निर्देश कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला और अस्पताल प्रबंधक अंकुर साहू को भोजन वितरण व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को दोनों समय दूध और लड्डू अनिवार्य रूप से दिए जाएं। निरीक्षण के दौरान ही कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि भोजन व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदार को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ‘स्टार फ़ूड एसोसिएट’ का अनुबंध निरस्त सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर मरीजों को भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने वाली एजेंसी स्टार फ़ूड एसोसिएट, सतना का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। साथ ही अनुबंध शर्तों के अनुसार अधिकतम पेनल्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। वैकल्पिक व्यवस्था से चलेगा भोजन वितरण डॉ. शुक्ला ने बताया कि नया ठेका होने तक जिला अस्पताल में चाय, नाश्ता और भोजन वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

टीकमगढ़ जिला अस्पताल में खराब भोजन पर ठेकेदार बाहर:मरीजों की शिकायत पर कलेक्टर ने रद्द किया फूड ठेका
टीकमगढ़ जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर भोजन प्रदाय का ठेका निरस्त कर दिया गया है। मरीजों की लगातार शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने गुरुवार को ठेका निरस्त किए जाने की पुष्टि की है। मरीजों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और प्रसूता महिलाओं द्वारा भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और समय पर वितरण को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।बुधवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय अचानक जिला अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने नवनिर्मित ओपीडी भवन से की। अधूरे ओपीडी कार्य एक सप्ताह में पूरे करने के निर्देश कलेक्टर ने ओपीडी भवन के अधूरे निर्माण कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सभी अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही सिविल सर्जन को ओपीडी और प्राइवेट रूम जल्द शुरू कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल की रसोई और डिलीवरी वार्ड का भी जायजा लिया। रसोई में स्टॉक और मेनू रजिस्टर मांगने पर ठेकेदार मौके पर उपस्थित नहीं मिला। प्रसूताओं से भोजन वितरण की ली जानकारी डिलीवरी वार्ड में कलेक्टर ने भर्ती महिलाओं से दूध, बिस्किट, भोजन और लड्डू वितरण के संबंध में पूछताछ की। महिलाओं ने बताया कि उन्हें लड्डू नहीं दिए जाते और दूध भी केवल एक समय ही मिलता है। महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। सिविल सर्जन और प्रबंधक को दिए निर्देश कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला और अस्पताल प्रबंधक अंकुर साहू को भोजन वितरण व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को दोनों समय दूध और लड्डू अनिवार्य रूप से दिए जाएं। निरीक्षण के दौरान ही कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि भोजन व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो ठेकेदार को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ‘स्टार फ़ूड एसोसिएट’ का अनुबंध निरस्त सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर मरीजों को भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने वाली एजेंसी स्टार फ़ूड एसोसिएट, सतना का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। साथ ही अनुबंध शर्तों के अनुसार अधिकतम पेनल्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। वैकल्पिक व्यवस्था से चलेगा भोजन वितरण डॉ. शुक्ला ने बताया कि नया ठेका होने तक जिला अस्पताल में चाय, नाश्ता और भोजन वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।