जबलपुर में नागिन से खिलवाड़ कर रहा था युवक:कभी बॉटल में भरने का प्रयास करता तो कभी पूछ पकड़कर उठाता,सर्प विशेषज्ञ ने कहा-भाग्य अच्छा था

जबलपुर के रामपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति नागिन को परेशान कर रहा था। कभी उसे पूंछ पकड़कर उठाता, तो कभी पानी की बॉटल में भरने का प्रयास करता। घटना का 3 मिनट का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक नागिन को परेशान करते दिखाई दे रहा है। वीडियो को लेकर सर्प विशेषज्ञ ने कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी, जो नागिन ने उसे डसा नहीं। मामले में वन विभाग कार्रवाई भी कर सकता है। नागिन का तमाशा बनाया लोगों को सड़क पर नागिन दिखाई दी। उसे चारों तरफ से घेर लिया और एक युवक ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। युवक उसे पानी की बॉटल में बंद करने का प्रयास कर रहा था और नागिन भागने की कोशिश कर रही थी। बीच सड़क पर चल रहे, इस तमाशे को देखने के लिए लोगों का हुजूम लग गया। इस बीच एक व्यक्ति नागिन के ऊपर बोरी फेंक देता है। जिससे डरकर वह तेजी से लोगों के पीछे भागती है, बीच सड़क पर हंगामा मच जाता है। इसके बाद एक बोरी में जैसे-तैसे नागिन को भरकर वहां से एक युवक साथ में ले जाता है। मौसम में बदलाव के कारण बनी स्थिति सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे कहते हैं कि मौसम में परिवर्तन के कारण सांप दिखाई दे रहे हैं। वे यहां से वहां जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह कोबरा सांप था। यह प्रजाति काफी संवेदनशील होती है। जब तक इसे छेड़ा नहीं जाता, तब तक हमला नहीं करती है। दुबे बताते हैं कि कोबरा में न्यूरोटॉक्सिन जहर होता है। उसके डसने के बाद अगर जल्दी इलाज न मिले तो मौत निश्चित है। नागिन को इस तरह छेड़ना बहुत खतरनाक था। जाने कितना खतरनाक है कोबरा कोबरा के डसने के बाद इसका जहर तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे लकवा (पैरालिसिस) हो सकता है। यह जहर तंत्रिकाओं पर असर करता है, जिससे चक्कर आना, बेहोशी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कोबरा जैसे कुछ और भी प्रजाति के सांप हैं, जो कि बेहद जहरीले होते हैं। इस प्रजाति के सांप के काटने के बाद अगर समय पर इलाज न मिले, तो पीड़ित की मौत 30 मिनट में हो सकती है। जहर के कारण व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जिससे फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं। इसके अलावा यह हृदय गति को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। कोबरा को जब छेड़ा जाता है या फिर उसे खतरा महसूस होता है, तो वह अपना फन फैलाकर खड़ा हो जाता है। यह एक डराने वाली चेतावनी होती है। कुछ कोबरा, जैसे स्पिटिंग कोबरा 6 फीट की दूरी तक जहर थूक सकते हैं, जिससे वे हमलावर को अंधा कर सकते हैं। कोबरा जैसे सांप आमतौर पर सीधे हमला करने से बचते हैं, वह इंसान से अपने आपको को दूर ही रखते हैं, इतना ही नहीं जब तक कि उन्हें छेड़ा न जाए, वह अटैक नहीं करते हैं, लेकिन अगर वे आत्मरक्षा में हमला करते हैं, तो बहुत घातक हो सकते हैं।

जबलपुर में नागिन से खिलवाड़ कर रहा था युवक:कभी बॉटल में भरने का प्रयास करता तो कभी पूछ पकड़कर उठाता,सर्प विशेषज्ञ ने कहा-भाग्य अच्छा था
जबलपुर के रामपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति नागिन को परेशान कर रहा था। कभी उसे पूंछ पकड़कर उठाता, तो कभी पानी की बॉटल में भरने का प्रयास करता। घटना का 3 मिनट का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक नागिन को परेशान करते दिखाई दे रहा है। वीडियो को लेकर सर्प विशेषज्ञ ने कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी, जो नागिन ने उसे डसा नहीं। मामले में वन विभाग कार्रवाई भी कर सकता है। नागिन का तमाशा बनाया लोगों को सड़क पर नागिन दिखाई दी। उसे चारों तरफ से घेर लिया और एक युवक ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। युवक उसे पानी की बॉटल में बंद करने का प्रयास कर रहा था और नागिन भागने की कोशिश कर रही थी। बीच सड़क पर चल रहे, इस तमाशे को देखने के लिए लोगों का हुजूम लग गया। इस बीच एक व्यक्ति नागिन के ऊपर बोरी फेंक देता है। जिससे डरकर वह तेजी से लोगों के पीछे भागती है, बीच सड़क पर हंगामा मच जाता है। इसके बाद एक बोरी में जैसे-तैसे नागिन को भरकर वहां से एक युवक साथ में ले जाता है। मौसम में बदलाव के कारण बनी स्थिति सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे कहते हैं कि मौसम में परिवर्तन के कारण सांप दिखाई दे रहे हैं। वे यहां से वहां जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह कोबरा सांप था। यह प्रजाति काफी संवेदनशील होती है। जब तक इसे छेड़ा नहीं जाता, तब तक हमला नहीं करती है। दुबे बताते हैं कि कोबरा में न्यूरोटॉक्सिन जहर होता है। उसके डसने के बाद अगर जल्दी इलाज न मिले तो मौत निश्चित है। नागिन को इस तरह छेड़ना बहुत खतरनाक था। जाने कितना खतरनाक है कोबरा कोबरा के डसने के बाद इसका जहर तेजी से फैलता है। यह मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे लकवा (पैरालिसिस) हो सकता है। यह जहर तंत्रिकाओं पर असर करता है, जिससे चक्कर आना, बेहोशी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कोबरा जैसे कुछ और भी प्रजाति के सांप हैं, जो कि बेहद जहरीले होते हैं। इस प्रजाति के सांप के काटने के बाद अगर समय पर इलाज न मिले, तो पीड़ित की मौत 30 मिनट में हो सकती है। जहर के कारण व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जिससे फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं। इसके अलावा यह हृदय गति को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है। कोबरा को जब छेड़ा जाता है या फिर उसे खतरा महसूस होता है, तो वह अपना फन फैलाकर खड़ा हो जाता है। यह एक डराने वाली चेतावनी होती है। कुछ कोबरा, जैसे स्पिटिंग कोबरा 6 फीट की दूरी तक जहर थूक सकते हैं, जिससे वे हमलावर को अंधा कर सकते हैं। कोबरा जैसे सांप आमतौर पर सीधे हमला करने से बचते हैं, वह इंसान से अपने आपको को दूर ही रखते हैं, इतना ही नहीं जब तक कि उन्हें छेड़ा न जाए, वह अटैक नहीं करते हैं, लेकिन अगर वे आत्मरक्षा में हमला करते हैं, तो बहुत घातक हो सकते हैं।