छिंदवाड़ा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में डीजल में गड़बड़ी:वाहन प्रभारी ने भतीजे को अघोषित प्रभारी और ड्राइवर को मैनेजर बनाया

छिंदवाड़ा नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कचरा वाहनों और अन्य गाड़ियों में डीजल भरवाने के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की हेराफेरी की जा रही है। बुधवार को एक वीडियो में यह सामने आया कि निगम के वाहन प्रभारी मंगेश पवार ने अपने भतीजे विकास पवार को अघोषित प्रभारी बना रखा है। विकास पवार प्रतिदिन वाहनों में डीजल भरवाने का काम देखता है और डीजल की खपत व बिलों की मॉनिटरिंग करता है। इस मामले में जब पुलिस पेट्रोल पंप पर जांच करने पहुंची तो विकास पवार ने खुद को निगम वाहन शाखा का कर्मचारी बताया और स्वीकार किया कि वह पिछले आठ महीने से निगम में कार्यरत है। निगम में नई नियुक्तियों पर रोक होने के बावजूद उसे यह पद कैसे मिला, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि निगम में प्रभावशाली लोगों के सहारे अनियमित नियुक्तियां हो रही हैं। कचरा गाड़ी के ड्राइवर को मैनेजर बना दिया गया भास्कर की टीम जब फटका मशीन के पास पहुंची तो उस जगह पर कचरा गाड़ी का ड्राइवर प्रदुम्य चंद्रवंशी मैनेजर बनकर एक केबिन संभाल रहा था। उसने बताया कि उसे मंगेश पवार ने यह जिम्मेदारी दी थी। उसका काम रिपेयरिंग और वाहन बिलों की देखरेख करना था। पूछताछ में प्रदुम्य ने यह भी बताया कि उसकी मूल ड्यूटी कचरा गाड़ियों के संचालन की है और वह चार साल से इसी पद पर काम कर रहा है। जलप्रदाय विभाग में पहले से जारी डीजल हेराफेरी इससे पहले नगर निगम के जलप्रदाय विभाग में भी डीजल की हेराफेरी का मामला सामने आ चुका था। वहां हर महीने 5 से 6 लाख रुपए तक का डीज़ल गलत तरीके से उपयोग किया जाता था। अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई न होने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग में वही खेल दोहराया जा रहा है। नगर निगम के इस घोटाले से स्पष्ट होता है कि जनता के टैक्स का दुरुपयोग हो रहा है। स्वास्थ्य और जलप्रदाय विभाग के डीज़ल खर्चों की मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। डीज़ल की कालाबाजारी से निगम को नुकसान हो रहा है और जनता की कमाई बेकार जा रही है। निगम आयुक्त ने दिए आदेश निगम आयुक्त सीपी राय ने कचरा गाड़ी के ड्राइवर को मैनेजर पद से हटाकर मूल कार्य पर लौटने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मंगेश पवार और उनके भतीजे विकास पवार के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

छिंदवाड़ा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में डीजल में गड़बड़ी:वाहन प्रभारी ने भतीजे को अघोषित प्रभारी और ड्राइवर को मैनेजर बनाया
छिंदवाड़ा नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कचरा वाहनों और अन्य गाड़ियों में डीजल भरवाने के नाम पर हर महीने लाखों रुपए की हेराफेरी की जा रही है। बुधवार को एक वीडियो में यह सामने आया कि निगम के वाहन प्रभारी मंगेश पवार ने अपने भतीजे विकास पवार को अघोषित प्रभारी बना रखा है। विकास पवार प्रतिदिन वाहनों में डीजल भरवाने का काम देखता है और डीजल की खपत व बिलों की मॉनिटरिंग करता है। इस मामले में जब पुलिस पेट्रोल पंप पर जांच करने पहुंची तो विकास पवार ने खुद को निगम वाहन शाखा का कर्मचारी बताया और स्वीकार किया कि वह पिछले आठ महीने से निगम में कार्यरत है। निगम में नई नियुक्तियों पर रोक होने के बावजूद उसे यह पद कैसे मिला, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि निगम में प्रभावशाली लोगों के सहारे अनियमित नियुक्तियां हो रही हैं। कचरा गाड़ी के ड्राइवर को मैनेजर बना दिया गया भास्कर की टीम जब फटका मशीन के पास पहुंची तो उस जगह पर कचरा गाड़ी का ड्राइवर प्रदुम्य चंद्रवंशी मैनेजर बनकर एक केबिन संभाल रहा था। उसने बताया कि उसे मंगेश पवार ने यह जिम्मेदारी दी थी। उसका काम रिपेयरिंग और वाहन बिलों की देखरेख करना था। पूछताछ में प्रदुम्य ने यह भी बताया कि उसकी मूल ड्यूटी कचरा गाड़ियों के संचालन की है और वह चार साल से इसी पद पर काम कर रहा है। जलप्रदाय विभाग में पहले से जारी डीजल हेराफेरी इससे पहले नगर निगम के जलप्रदाय विभाग में भी डीजल की हेराफेरी का मामला सामने आ चुका था। वहां हर महीने 5 से 6 लाख रुपए तक का डीज़ल गलत तरीके से उपयोग किया जाता था। अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई न होने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग में वही खेल दोहराया जा रहा है। नगर निगम के इस घोटाले से स्पष्ट होता है कि जनता के टैक्स का दुरुपयोग हो रहा है। स्वास्थ्य और जलप्रदाय विभाग के डीज़ल खर्चों की मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। डीज़ल की कालाबाजारी से निगम को नुकसान हो रहा है और जनता की कमाई बेकार जा रही है। निगम आयुक्त ने दिए आदेश निगम आयुक्त सीपी राय ने कचरा गाड़ी के ड्राइवर को मैनेजर पद से हटाकर मूल कार्य पर लौटने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मंगेश पवार और उनके भतीजे विकास पवार के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।