छुट्टियों की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर:हॉस्टल से 85 छात्राओं को रक्षाबंधन तक छुट्टी; नहीं लग रहीं क्लास

सीहोर शहर का शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। 16 जुलाई से कक्षाएं शुरू होनी थीं, लेकिन अब तक शिक्षण कार्य आरंभ नहीं हुआ है। आरोप है कि हॉस्टल वार्डन ने छात्राओं को रक्षाबंधन तक छुट्टी दे दी, जिससे तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कुछ दिन पहले कॉलेज की छात्राएं अपनी शिकायतों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनका आरोप था कि स्टेनो विषय की 25 छात्राओं को जानबूझकर प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया। छात्राओं ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताया और कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रिंसिपल बोले- मैं नया हूं, मामले की जांच करूंगा हाल ही में पदस्थ हुए प्रिंसिपल चंद्रशेखर ने कहा कि वह कॉलेज में नए हैं, और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे मामले को गंभीरता से लेकर जांच करेंगे। भोपाल नाका स्थित इस कॉलेज और हॉस्टल का विवादों से पुराना नाता रहा है। कुछ समय पहले हॉस्टल की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय भी वार्डन पर सवाल उठे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पढ़ाई पर असर, लेकिन जवाबदेही तय नहीं अब 85 छात्राओं को हॉस्टल से छुट्टी दे दी गई है, जिससे तकनीकी कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन उनकी आवाज नहीं सुन रहा, इसलिए उन्हें बार-बार कलेक्ट्रेट जाना पड़ रहा है।

छुट्टियों की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर:हॉस्टल से 85 छात्राओं को रक्षाबंधन तक छुट्टी; नहीं लग रहीं क्लास
सीहोर शहर का शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। 16 जुलाई से कक्षाएं शुरू होनी थीं, लेकिन अब तक शिक्षण कार्य आरंभ नहीं हुआ है। आरोप है कि हॉस्टल वार्डन ने छात्राओं को रक्षाबंधन तक छुट्टी दे दी, जिससे तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कुछ दिन पहले कॉलेज की छात्राएं अपनी शिकायतों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनका आरोप था कि स्टेनो विषय की 25 छात्राओं को जानबूझकर प्रैक्टिकल में फेल कर दिया गया। छात्राओं ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताया और कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रिंसिपल बोले- मैं नया हूं, मामले की जांच करूंगा हाल ही में पदस्थ हुए प्रिंसिपल चंद्रशेखर ने कहा कि वह कॉलेज में नए हैं, और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि वे मामले को गंभीरता से लेकर जांच करेंगे। भोपाल नाका स्थित इस कॉलेज और हॉस्टल का विवादों से पुराना नाता रहा है। कुछ समय पहले हॉस्टल की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय भी वार्डन पर सवाल उठे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पढ़ाई पर असर, लेकिन जवाबदेही तय नहीं अब 85 छात्राओं को हॉस्टल से छुट्टी दे दी गई है, जिससे तकनीकी कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। छात्राओं का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन उनकी आवाज नहीं सुन रहा, इसलिए उन्हें बार-बार कलेक्ट्रेट जाना पड़ रहा है।