घने जंगलों के बीच सिविक एक्शन प्रोग्राम: 500 से अधिक ग्रामीण हुए लाभान्वित

छत्तीसगढ़ संवाददाता सुकमा, 30 मार्च। जिले के अत्यंत दुर्गम और घने वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद और सहयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 29 मार्च को 226वीं बटालियन की डी/कंपनी द्वारा सुकमा के तुमालपाड़ में सिविक एक्शन प्रोग्राम (नागरिक सहायता कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और सुरक्षा बलों व आम जनता के बीच आपसी विश्वास और सद्भावना को मजबूत करना था। यह जन-कल्याणकारी कार्यक्रम महानिरीक्षक (छत्तीसगढ़) शालिन (आईपीएस) के निर्देश और डीआईजी (ऑप्स) सुकमा आनंद सिंह राजपुरोहित के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जमीनी स्तर पर इस पूरे कार्यक्रम का सफल नेतृत्व कमांडर टाइगर एच.पी. सिंह द्वारा किया गया। इस शिविर में सरपंगुड़ा, जब्बागट्टा, चिन्नाबोड़केल, तुमालपाड़, जोनागुड़ा और अलीगुड़ा जैसे दूरस्थ गांवों और पारों से 500 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की दैनिक और आजीविका संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर सामग्रियों का वितरण किया गया। शैक्षणिक सामग्री: बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए नोटबुक, पेन, पेंसिल बॉक्स, स्कूल बैग और ड्राइंग किट। दैनिक एवं घरेलू उपयोग: 200 लीटर के वाटर टैंक, सोलर लैंप, टिन शीट, एल्यूमिनियम कड़ाही, पतीला, स्टील के बर्तन, छाते, साडिय़ां, लुंगी, मच्छरदानी और डबल लेयर कंबल। आजीविका एवं कृषि उपकरण: साइकिल, सिलाई मशीन, फावड़ा, कुल्हाड़ी और गैंती। खेलकूद सामग्री: युवाओं के लिए वॉलीबॉल, फुटबॉल, नेट, कैरम बोर्ड और पूरी क्रिकेट किट। नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और सहभोज सामग्री वितरण के साथ-साथ एसएमओ एस. कृष्णा की देखरेख में एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। यहाँ ग्रामीणों के स्वास्थ्य का प्राथमिक परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाइयां नि:शुल्क वितरित की गईं। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों के लिए सहभोज (भोजन) की व्यवस्था की गई, जिसने आपसी सौहार्द और भाईचारे को और अधिक गहरा किया। सुरक्षा बलों का संदेश: हम आपके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कमांडर टाइगर एच.पी. सिंह और सहायक कमांडेंट अनुपम ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देना, ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करना है। ग्रामीणों ने भी सुरक्षा बलों के इस निरंतर सहयोग के लिए अपना आभार व्यक्त किया और इस प्रयास की भरपूर सराहना की।

घने जंगलों के बीच सिविक एक्शन प्रोग्राम: 500 से अधिक ग्रामीण हुए लाभान्वित
छत्तीसगढ़ संवाददाता सुकमा, 30 मार्च। जिले के अत्यंत दुर्गम और घने वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद और सहयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 29 मार्च को 226वीं बटालियन की डी/कंपनी द्वारा सुकमा के तुमालपाड़ में सिविक एक्शन प्रोग्राम (नागरिक सहायता कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और सुरक्षा बलों व आम जनता के बीच आपसी विश्वास और सद्भावना को मजबूत करना था। यह जन-कल्याणकारी कार्यक्रम महानिरीक्षक (छत्तीसगढ़) शालिन (आईपीएस) के निर्देश और डीआईजी (ऑप्स) सुकमा आनंद सिंह राजपुरोहित के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जमीनी स्तर पर इस पूरे कार्यक्रम का सफल नेतृत्व कमांडर टाइगर एच.पी. सिंह द्वारा किया गया। इस शिविर में सरपंगुड़ा, जब्बागट्टा, चिन्नाबोड़केल, तुमालपाड़, जोनागुड़ा और अलीगुड़ा जैसे दूरस्थ गांवों और पारों से 500 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की दैनिक और आजीविका संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर सामग्रियों का वितरण किया गया। शैक्षणिक सामग्री: बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए नोटबुक, पेन, पेंसिल बॉक्स, स्कूल बैग और ड्राइंग किट। दैनिक एवं घरेलू उपयोग: 200 लीटर के वाटर टैंक, सोलर लैंप, टिन शीट, एल्यूमिनियम कड़ाही, पतीला, स्टील के बर्तन, छाते, साडिय़ां, लुंगी, मच्छरदानी और डबल लेयर कंबल। आजीविका एवं कृषि उपकरण: साइकिल, सिलाई मशीन, फावड़ा, कुल्हाड़ी और गैंती। खेलकूद सामग्री: युवाओं के लिए वॉलीबॉल, फुटबॉल, नेट, कैरम बोर्ड और पूरी क्रिकेट किट। नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और सहभोज सामग्री वितरण के साथ-साथ एसएमओ एस. कृष्णा की देखरेख में एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। यहाँ ग्रामीणों के स्वास्थ्य का प्राथमिक परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाइयां नि:शुल्क वितरित की गईं। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों के लिए सहभोज (भोजन) की व्यवस्था की गई, जिसने आपसी सौहार्द और भाईचारे को और अधिक गहरा किया। सुरक्षा बलों का संदेश: हम आपके समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कमांडर टाइगर एच.पी. सिंह और सहायक कमांडेंट अनुपम ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देना, ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना और भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करना है। ग्रामीणों ने भी सुरक्षा बलों के इस निरंतर सहयोग के लिए अपना आभार व्यक्त किया और इस प्रयास की भरपूर सराहना की।