खिलचीपुर स्टेडियम बना शराबियों का अड्डा:सुबह खिलाड़ी दौड़ते हैं, रात में दारू पार्टी, नगर परिषद और थाना पास में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं,
खिलचीपुर स्टेडियम बना शराबियों का अड्डा:सुबह खिलाड़ी दौड़ते हैं, रात में दारू पार्टी, नगर परिषद और थाना पास में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं,
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने स्थित स्टेडियम ग्राउंड इन दिनों बेहद खराब हालत में है। सोमवार सुबह यहां मैदान में चारों ओर शराब और बियर की खाली बोतलें, चिप्स और नमकीन के पैकेट बिखरे नजर आए। सुबह यह मैदान युवा खिलाड़ी और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवकों के लिए दौड़ और अभ्यास का स्थल है। शाम होते ही यह शराब पीने वालों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। टूटी शराब की बोतलों के कांच बिखरे रहते हैं, जिससे कई बार खिलाड़ियों के पैर कटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि मैदान नगर परिषद कार्यालय और थाना परिसर के बिल्कुल सामने होने के बावजूद न कोई सुरक्षा है और न रात में रोशनी की व्यवस्था। युवा धीरज वर्मा ने बताया कि इसी वजह से कुछ लोग देर रात तक शराब पीते हैं और गंदगी फैलाते हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान में सुरक्षा गार्ड तैनात किया जाए, रोशनी की व्यवस्था की जाए और निगरानी मजबूत की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्टेडियम जहां खिलाड़ी अपना भविष्य संवारते हैं, वहीं शराबियों और असामाजिक तत्वों का स्थायी अड्डा बन जाएगा।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने स्थित स्टेडियम ग्राउंड इन दिनों बेहद खराब हालत में है। सोमवार सुबह यहां मैदान में चारों ओर शराब और बियर की खाली बोतलें, चिप्स और नमकीन के पैकेट बिखरे नजर आए। सुबह यह मैदान युवा खिलाड़ी और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवकों के लिए दौड़ और अभ्यास का स्थल है। शाम होते ही यह शराब पीने वालों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। टूटी शराब की बोतलों के कांच बिखरे रहते हैं, जिससे कई बार खिलाड़ियों के पैर कटने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि मैदान नगर परिषद कार्यालय और थाना परिसर के बिल्कुल सामने होने के बावजूद न कोई सुरक्षा है और न रात में रोशनी की व्यवस्था। युवा धीरज वर्मा ने बताया कि इसी वजह से कुछ लोग देर रात तक शराब पीते हैं और गंदगी फैलाते हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान में सुरक्षा गार्ड तैनात किया जाए, रोशनी की व्यवस्था की जाए और निगरानी मजबूत की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्टेडियम जहां खिलाड़ी अपना भविष्य संवारते हैं, वहीं शराबियों और असामाजिक तत्वों का स्थायी अड्डा बन जाएगा।