कार से कुचलने के 24 घंटे बाद भी आरोपी फरार:परिजनों ने नामली थाने का घेराव किया; बोले- पुलिस आरोपी को बचा रही

रतलाम में मरे ऊंट को देखने सड़क पर खड़े दो लोगों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर घायल हो गया था। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी कार ड्राइवर को पकड़ नहीं पाई। इससे समाजजनों में आक्रोश है। मंगलवार सुबह हादसे में जाव गंवाने वाले युवक के परिजनों ने नामली थाने का घेराव कर दिया। कार ड्राइवर को पकड़ने की मांग की। पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। बता दें कि रतलाम के नामली फोरलेन पर रविवार रात करीब 10 बजे सड़क पर मरे हुए ऊंट को देखने नामली के पल्दूना गांव निवासी बबलू जायसवाल और घटवास (नामली) निवासी विक्रम जाट पहुंचे थे। इसी दौरान रतलाम की तरफ से आई कार ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर में विक्रम जाट की मौत हो गई। जबकि बबलू जायसवाल घायल हो गया। रतलाम से परिजन वड़ोदरा लेकर गए। पुलिस के ढीले रवैये पर नाराजगी जताई मंगलवार सुबह विक्रम जाट के उठावने के बाद परिजनों व ग्रामीण ने नामली थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। नामली पुलिस थाने की ढीले रवैये को लेकर नाराजगी जताई। थाने पर टीआई पातीराम डावरे नहीं थे। बाद में वह पहुंचे। परिजनों ने उनसे कहा कि जब हमने घटना के बाद सोमवार सुबह 10 बजे कार चलाने वाले जिसके नाम कार रजिस्टर्ड है। उसका नाम बता दिया। इसके बावजूद भी आप पकड़ नहीं पाए। तब टीआई बोले संबंधित का मोबाइल नंबर बंद था। तब ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे तो आप हर किसी को उठा लेते हो, लेकिन इतनी बड़ी घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद आप एक को भी नहीं पकड़ पाए। कुछ देर बाद ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला पहुंचे। उन्होंने तीन से चार घंटे में आरोपी का पकड़ने की बात कही। तब परिजन व ग्रामीण माने। फिर थाने से चले गए। रतलाम निवासी के नाम रजिस्टर्ड है कार टक्कर के बाद कार पलटकर डिवाइडर पर चढ़ गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में एयरबैग खुलने से कार सवारों की जान बच गई। लेकिन वह मौके से भाग निकले। कार क्रमांक एमपी 43 सीबी 2261 रतलाम के रामगढ़ निवासी जितेंद्र पिता अशोक कुमार राठौर के नाम पर रजिस्टर्ड है।

कार से कुचलने के 24 घंटे बाद भी आरोपी फरार:परिजनों ने नामली थाने का घेराव किया; बोले- पुलिस आरोपी को बचा रही
रतलाम में मरे ऊंट को देखने सड़क पर खड़े दो लोगों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर घायल हो गया था। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी कार ड्राइवर को पकड़ नहीं पाई। इससे समाजजनों में आक्रोश है। मंगलवार सुबह हादसे में जाव गंवाने वाले युवक के परिजनों ने नामली थाने का घेराव कर दिया। कार ड्राइवर को पकड़ने की मांग की। पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। बता दें कि रतलाम के नामली फोरलेन पर रविवार रात करीब 10 बजे सड़क पर मरे हुए ऊंट को देखने नामली के पल्दूना गांव निवासी बबलू जायसवाल और घटवास (नामली) निवासी विक्रम जाट पहुंचे थे। इसी दौरान रतलाम की तरफ से आई कार ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर में विक्रम जाट की मौत हो गई। जबकि बबलू जायसवाल घायल हो गया। रतलाम से परिजन वड़ोदरा लेकर गए। पुलिस के ढीले रवैये पर नाराजगी जताई मंगलवार सुबह विक्रम जाट के उठावने के बाद परिजनों व ग्रामीण ने नामली थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। नामली पुलिस थाने की ढीले रवैये को लेकर नाराजगी जताई। थाने पर टीआई पातीराम डावरे नहीं थे। बाद में वह पहुंचे। परिजनों ने उनसे कहा कि जब हमने घटना के बाद सोमवार सुबह 10 बजे कार चलाने वाले जिसके नाम कार रजिस्टर्ड है। उसका नाम बता दिया। इसके बावजूद भी आप पकड़ नहीं पाए। तब टीआई बोले संबंधित का मोबाइल नंबर बंद था। तब ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे तो आप हर किसी को उठा लेते हो, लेकिन इतनी बड़ी घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद आप एक को भी नहीं पकड़ पाए। कुछ देर बाद ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला पहुंचे। उन्होंने तीन से चार घंटे में आरोपी का पकड़ने की बात कही। तब परिजन व ग्रामीण माने। फिर थाने से चले गए। रतलाम निवासी के नाम रजिस्टर्ड है कार टक्कर के बाद कार पलटकर डिवाइडर पर चढ़ गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में एयरबैग खुलने से कार सवारों की जान बच गई। लेकिन वह मौके से भाग निकले। कार क्रमांक एमपी 43 सीबी 2261 रतलाम के रामगढ़ निवासी जितेंद्र पिता अशोक कुमार राठौर के नाम पर रजिस्टर्ड है।