इंदौर में पांच दिनी सनातन जागृति पदयात्रा 17 मई से:संस्कृति, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे; युवाओं को जागरूक करने निकलेगा संतों का कारवां

इंदौर में पहली बार सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को केंद्र में रखकर “सनातन जागृति पदयात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। यह पदयात्रा 17 से 21 मई तक निकाली जाएगी। इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता लाने का संदेश दिया जाएगा। पहले दिन का आयोजन तेजाजी नगर स्थित श्री सिद्धेश्वर धाम स्वामी अतुलानंद सरस्वती के सानिध्य में होगा। यहां से शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक सनातन जागृति पदयात्रा जाएगी, जो तीन इमली तक जाएगी। 18 मई इसी समय तीन इमली चौराहा से रोबोट चौराहा तक यात्रा जाएगी। दशहरा मैदान पर समापन होगा 19 मई को रोबोट चौराहा से मरीमाता चौराहा, 20 मई को मरीमाता चौराहा से हंसराज मठ तक जाएगी। आखिरी दिन 21 मई को हंसराज मठ से निकलकर दशहरा मैदान जाएगी जहां समापन होगा। इस दौरान संत-महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता लोगों को जीवन से जुड़े मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेंगे। स्वामी अतुलानंद सरस्वती ने बताया कि सनातन जागृति पदयात्रा का संदेश संस्कृति का संरक्षण, गौसेवा, जीव हत्या पर रोक, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और युवाओं को नशे से दूर रखने की पहल है। आयोजकों के अनुसार वर्तमान समय में युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रही है, जिससे भारतीय संस्कृति और मूल्यों का क्षरण हो रहा है। पदयात्रा में संत होंगे शामिल पदयात्रा के माध्यम से युवाओं को भारतीय परंपराओं, आध्यात्म और प्रकृति प्रेम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न संत और सामाजिक कार्यकर्ता अपने विचार साझा करेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ व संस्कारित दिशा मिल सके।

इंदौर में पांच दिनी सनातन जागृति पदयात्रा 17 मई से:संस्कृति, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे; युवाओं को जागरूक करने निकलेगा संतों का कारवां
इंदौर में पहली बार सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को केंद्र में रखकर “सनातन जागृति पदयात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। यह पदयात्रा 17 से 21 मई तक निकाली जाएगी। इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता लाने का संदेश दिया जाएगा। पहले दिन का आयोजन तेजाजी नगर स्थित श्री सिद्धेश्वर धाम स्वामी अतुलानंद सरस्वती के सानिध्य में होगा। यहां से शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक सनातन जागृति पदयात्रा जाएगी, जो तीन इमली तक जाएगी। 18 मई इसी समय तीन इमली चौराहा से रोबोट चौराहा तक यात्रा जाएगी। दशहरा मैदान पर समापन होगा 19 मई को रोबोट चौराहा से मरीमाता चौराहा, 20 मई को मरीमाता चौराहा से हंसराज मठ तक जाएगी। आखिरी दिन 21 मई को हंसराज मठ से निकलकर दशहरा मैदान जाएगी जहां समापन होगा। इस दौरान संत-महात्मा और सामाजिक कार्यकर्ता लोगों को जीवन से जुड़े मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेंगे। स्वामी अतुलानंद सरस्वती ने बताया कि सनातन जागृति पदयात्रा का संदेश संस्कृति का संरक्षण, गौसेवा, जीव हत्या पर रोक, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और युवाओं को नशे से दूर रखने की पहल है। आयोजकों के अनुसार वर्तमान समय में युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रही है, जिससे भारतीय संस्कृति और मूल्यों का क्षरण हो रहा है। पदयात्रा में संत होंगे शामिल पदयात्रा के माध्यम से युवाओं को भारतीय परंपराओं, आध्यात्म और प्रकृति प्रेम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न संत और सामाजिक कार्यकर्ता अपने विचार साझा करेंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ व संस्कारित दिशा मिल सके।