सीहोर में लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामले:इस साल 125 लोगों के साथ हो चुकी ठगी, एसपी बोले- कार्रवाई की जा रही

सीहोर में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके बैंक खाते खाली कर लेते हैं। शिकायत मिलने पर कई मामलों में पुलिस ने कार्रवाई भी की है। पुलिस का कहना है कि मामला सामने आने पर हर संभव प्रयास किया जाता है कि अपराधी पकड़े जाएं, लेकिन ठगी से बचने के लिए लोगों का जागरूक रहना बहुत जरूरी है। सीहोर जिले में इस साल 125 मामले सामने आ चुके हैं। साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों लो लेकर एसपी दीपक शुक्ला का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अगर किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत गृह मंत्रालय द्वारा जारी साइबर हैल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल कर या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें। इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में भी दर्ज की जा सकती है या सीहोर जिले के साइबर अधिकारी के मोबाइल नंबर 7049128208 पर भी संपर्क किया जा सकता है। आईए जानते हैं सीहोर में हुए सायबर धोखाधड़ी के कुछ मामले- अनजान लिंक ओपन कर जानकारी दी, 99 हजार गंवाए पीड़ित राहुल (परिवर्तित नाम) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे एक अज्ञात फोन कॉल आया। फोन पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को होम डिलीवरी सर्विस देने वाली कंपनी का कर्मचारी बताया। ठग ने कहा कि 'आपके द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर किया गया मेडिसिन का पार्सल होल्ड हो गया है, अगर आपको पार्सल रिलीज कराना है तो मैसेज पर भेजे गए लिंक को ओपन करके जानकारी भर दीजिए। इसके बाद आपका मेडिसिन पार्सल 24 घंटे के भीतर डिलीवरी कर दिया जाएगा।' पीड़ित ने लिंक पर क्लिक कर जानकारी अपडेट कर दी। इसके बाद राहुल के बैंक खाते से 99 हजार रुपए डेबिट हो गए। ट्रेडिंग का लालच देकर ठगी पीड़ित सचिन (परिवर्तित नाम) को वॉट्सऐप पर एक अनजान मैसेज आया। मैसेज में वर्क फ्रॉम होम के जरिए घर बैठे अच्छा पैसा कमाने के लिए जॉब का लालच दिया गया। इसके बाद ठग ने सचिन को एक टेलीग्राम चैनल पर जोड़ा, जहां सचिन को ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से पैसा कमाने के लिए बताया गया। इसके बाद ठग ने टेलीग्राम ग्रुप चैट में टोकन मनी के नाम पर सचिन से 10 हजार रुपए जमा कराए। फिर इसके बाद अलग-अलग खातों में कुल 50 हजार रूपए जमा कराए। पैसे मिलने के बाद किसी ने न तो सचिन से संपर्क किया और ना ही सचिन के कॉल या मैसेज का जवाब दिया। मातृत्व वंदना योजना के नाम पर धोखाधड़ी इस प्रकरण में शिकायतकर्ता अश्विन (परिवर्तित नाम) का कहना है कि उसके मोबाइल पर एक कॉल आया जिसमें कॉलर ने खुद को मातृत्व वंदना योजना से संबंधित एक शासकीय कर्मचारी बताया। फोन पर उसने कहा कि ‘आपके यहां डिलीवरी हुई है इसीलिए मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।’ इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठग ने अश्विन से छोटी-छोटी किस्तों में कुल 58 हजार रूपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए। लेकिन अश्विन को न लाभ राशि मिली और न ही कॉलर ने अश्विन का कॉल वापस रिसीव किया। पुलिस अधिकारी बन डराया, 40 हजार ऐंठे शिकायतकर्ता रविंद्र (परिवर्तित नाम) के मुताबिक उसके पिता को अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताया। विडियो कॉल पर ठग ने रविंद्र के पिताजी को कहा कि ‘आपकी बेटी को एक गंभीर अपराध में थाने में बैठाया गया है।’ उसे छोड़ने के लिए 40 हजार की मांग की। साथ ही कहा कि वे घर पर ही रहें और कैमरा चालू रखें और इस बारे में किसी को न बताएं नहीं तो उनकी बेटी को जेल भेज दिया जाएगा। KYC वैरिफिकेशन के नाम पर धोखाधड़ी इस प्रकरण में शिकायतकर्ता योगेश (परिवर्तित नाम) को किसी अज्ञात व्यक्ति का कॉल आता है। व्यक्ति अपने आप को इंडसइंड बैंक के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताता है। इसके बाद बैंक खाते की पेंडिंग KYC को क्लियर करने के लिए OTP मांगता है। OTP देते ही योगेश के खाते से करीब 7 हजार रूपए कट जाते हैं।

सीहोर में लगातार बढ़ रहे साइबर ठगी के मामले:इस साल 125 लोगों के साथ हो चुकी ठगी, एसपी बोले- कार्रवाई की जा रही
सीहोर में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके बैंक खाते खाली कर लेते हैं। शिकायत मिलने पर कई मामलों में पुलिस ने कार्रवाई भी की है। पुलिस का कहना है कि मामला सामने आने पर हर संभव प्रयास किया जाता है कि अपराधी पकड़े जाएं, लेकिन ठगी से बचने के लिए लोगों का जागरूक रहना बहुत जरूरी है। सीहोर जिले में इस साल 125 मामले सामने आ चुके हैं। साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों लो लेकर एसपी दीपक शुक्ला का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अगर किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत गृह मंत्रालय द्वारा जारी साइबर हैल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल कर या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें। इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में भी दर्ज की जा सकती है या सीहोर जिले के साइबर अधिकारी के मोबाइल नंबर 7049128208 पर भी संपर्क किया जा सकता है। आईए जानते हैं सीहोर में हुए सायबर धोखाधड़ी के कुछ मामले- अनजान लिंक ओपन कर जानकारी दी, 99 हजार गंवाए पीड़ित राहुल (परिवर्तित नाम) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे एक अज्ञात फोन कॉल आया। फोन पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को होम डिलीवरी सर्विस देने वाली कंपनी का कर्मचारी बताया। ठग ने कहा कि 'आपके द्वारा ऑनलाइन ऑर्डर किया गया मेडिसिन का पार्सल होल्ड हो गया है, अगर आपको पार्सल रिलीज कराना है तो मैसेज पर भेजे गए लिंक को ओपन करके जानकारी भर दीजिए। इसके बाद आपका मेडिसिन पार्सल 24 घंटे के भीतर डिलीवरी कर दिया जाएगा।' पीड़ित ने लिंक पर क्लिक कर जानकारी अपडेट कर दी। इसके बाद राहुल के बैंक खाते से 99 हजार रुपए डेबिट हो गए। ट्रेडिंग का लालच देकर ठगी पीड़ित सचिन (परिवर्तित नाम) को वॉट्सऐप पर एक अनजान मैसेज आया। मैसेज में वर्क फ्रॉम होम के जरिए घर बैठे अच्छा पैसा कमाने के लिए जॉब का लालच दिया गया। इसके बाद ठग ने सचिन को एक टेलीग्राम चैनल पर जोड़ा, जहां सचिन को ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से पैसा कमाने के लिए बताया गया। इसके बाद ठग ने टेलीग्राम ग्रुप चैट में टोकन मनी के नाम पर सचिन से 10 हजार रुपए जमा कराए। फिर इसके बाद अलग-अलग खातों में कुल 50 हजार रूपए जमा कराए। पैसे मिलने के बाद किसी ने न तो सचिन से संपर्क किया और ना ही सचिन के कॉल या मैसेज का जवाब दिया। मातृत्व वंदना योजना के नाम पर धोखाधड़ी इस प्रकरण में शिकायतकर्ता अश्विन (परिवर्तित नाम) का कहना है कि उसके मोबाइल पर एक कॉल आया जिसमें कॉलर ने खुद को मातृत्व वंदना योजना से संबंधित एक शासकीय कर्मचारी बताया। फोन पर उसने कहा कि ‘आपके यहां डिलीवरी हुई है इसीलिए मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।’ इसके बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठग ने अश्विन से छोटी-छोटी किस्तों में कुल 58 हजार रूपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लिए। लेकिन अश्विन को न लाभ राशि मिली और न ही कॉलर ने अश्विन का कॉल वापस रिसीव किया। पुलिस अधिकारी बन डराया, 40 हजार ऐंठे शिकायतकर्ता रविंद्र (परिवर्तित नाम) के मुताबिक उसके पिता को अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताया। विडियो कॉल पर ठग ने रविंद्र के पिताजी को कहा कि ‘आपकी बेटी को एक गंभीर अपराध में थाने में बैठाया गया है।’ उसे छोड़ने के लिए 40 हजार की मांग की। साथ ही कहा कि वे घर पर ही रहें और कैमरा चालू रखें और इस बारे में किसी को न बताएं नहीं तो उनकी बेटी को जेल भेज दिया जाएगा। KYC वैरिफिकेशन के नाम पर धोखाधड़ी इस प्रकरण में शिकायतकर्ता योगेश (परिवर्तित नाम) को किसी अज्ञात व्यक्ति का कॉल आता है। व्यक्ति अपने आप को इंडसइंड बैंक के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताता है। इसके बाद बैंक खाते की पेंडिंग KYC को क्लियर करने के लिए OTP मांगता है। OTP देते ही योगेश के खाते से करीब 7 हजार रूपए कट जाते हैं।