मासूम की मदद के लिए आगे आए एक्टर सोनू सूद:उज्जैन की काशी को 15 करोड़ के इंजेक्शन की जरुरत,रुपए इकट्‌ठा करने में सूद का फाउंडेशन करेगा मदद

उज्जैन में 5 महीने की मासूम आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपए के जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जो भारत में उपलब्ध नहीं है। परिवार ने फंड रेज शुरू कर मदद की अपील की तो फिल्म अभिनेता और प्रोडूसर सोनू सूद उज्जैन की बेटी को बचाने के लिए आगे आए। सोनू सूद ने एक वीडियो जारी कर लोगों से बढ़-चढ़कर मासूम की मदद के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई बार सोशल मीडिया पर मदद मांगी गई और कई शहरों के बच्चों तक मदद पहुंची है। इस बार फिर लोगों को आगे आकर काशी की मदद करना चाहिए। आपको बता दें कि सोनू सूद के फाउंडेशन ने एक दिन में एक लाख रुपए इकट्‌ठा करके बच्ची के परिवार को सौंप भी दिए हैं। इंदौर-दिल्ली के बच्चों के लिए पैसे इकट्‌ठे किए सोनू सूद ने कहा कि पिछले कई सालों में हमने कई बच्चों के लिए इस इंजेक्शन का इंतजाम किया। जिसमें सबने मिलकर अपना योगदान दिया और वो पैसे इकट्ठे हुए। जिसमें इंदौर और दिल्ली के बच्चों के लिए भी रुपए इकट्‌ठे किए थे। अब हमारी बारी है। एक नई जिम्मेदारी है। काशी के लिए पैसे जमा करने में आपसे जो योगदान होता है आप करते रहिए। आपको डिटेल दी गई है ताकि उसके इलाज के लिए पैसे जा सकें। हमारी सुचरित फाउंडेशन भी इसके लिए खूब भागदौड़ करेगी, ताकि हम इस बच्ची को एक नया जीवन दे सकें और मां-बाप को यह बच्ची ठीकठाक वापस मिल सके। धन्यवाद जय हिंद। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी गुहार लगाई काशी, डॉ. रोहित दुबे पुरिया और डॉ. प्रकृति की बेटी है। उसका इलाज फिलहाल भोपाल एम्स की मेडिसिन एचओडी डॉ. भावना डिगरे की निगरानी में चल रहा है। इस बीमारी का प्रभावी इलाज ‘जीन थेरेपी’ है, जिसके लिए ‘जोलजेनस्मा’ इंजेक्शन लगाया जाता है। वालटिश कंपनी का ये इंजेक्शन विदेश से मंगवाना पड़ता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.72 मिलियन डॉलर है। जन्म के एक महीने बाद भी मूवमेंट नहीं दिखे डॉ. रोहित दुबे पुरिया भोपाल एम्स में मेडिसिन विभाग के सीनियर रेसिडेंट हैं। डॉ. प्रकृति हमीदिया अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ थीं। वे बीते एक साल से बेटी के कारण नौकरी नहीं कर पा रही हैं। डॉ. रोहित ने बताया कि काशी का जन्म 14 नवंबर 2025 को हुआ। जन्म के एक महीने बाद भी काशी के हाथ-पैरों में सामान्य मूवमेंट नहीं दिखे। शुरुआत में फिजियोथेरेपी कराई, लेकिन सुधार नहीं हुआ। ब्लड टेस्ट से हुई पुष्टि इसके बाद भोपाल में डॉ. महेश माहेश्वरी को दिखाया। उन्होंने बताया कि आपकी बेटी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नाम की बेहद दुर्लभ बीमारी है। बाद में ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई। SMA टाइप-1 एक गंभीर जेनेटिक डिसऑर्डर है, जिसमें मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं। समय रहते इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। ये खबर भी पढ़िए… डॉक्टर कपल की बेटी को दुर्लभ बीमारी, चाहिए 15 करोड़ उज्जैन में 5 महीने की मासूम आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपए के जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जो भारत में उपलब्ध नहीं है। परिवार ने फंड रेज शुरू कर मदद की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी गुहार लगाई है। पढ़ें पूरी खबर…

मासूम की मदद के लिए आगे आए एक्टर सोनू सूद:उज्जैन की काशी को 15 करोड़ के इंजेक्शन की जरुरत,रुपए इकट्‌ठा करने में सूद का फाउंडेशन करेगा मदद
उज्जैन में 5 महीने की मासूम आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपए के जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जो भारत में उपलब्ध नहीं है। परिवार ने फंड रेज शुरू कर मदद की अपील की तो फिल्म अभिनेता और प्रोडूसर सोनू सूद उज्जैन की बेटी को बचाने के लिए आगे आए। सोनू सूद ने एक वीडियो जारी कर लोगों से बढ़-चढ़कर मासूम की मदद के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई बार सोशल मीडिया पर मदद मांगी गई और कई शहरों के बच्चों तक मदद पहुंची है। इस बार फिर लोगों को आगे आकर काशी की मदद करना चाहिए। आपको बता दें कि सोनू सूद के फाउंडेशन ने एक दिन में एक लाख रुपए इकट्‌ठा करके बच्ची के परिवार को सौंप भी दिए हैं। इंदौर-दिल्ली के बच्चों के लिए पैसे इकट्‌ठे किए सोनू सूद ने कहा कि पिछले कई सालों में हमने कई बच्चों के लिए इस इंजेक्शन का इंतजाम किया। जिसमें सबने मिलकर अपना योगदान दिया और वो पैसे इकट्ठे हुए। जिसमें इंदौर और दिल्ली के बच्चों के लिए भी रुपए इकट्‌ठे किए थे। अब हमारी बारी है। एक नई जिम्मेदारी है। काशी के लिए पैसे जमा करने में आपसे जो योगदान होता है आप करते रहिए। आपको डिटेल दी गई है ताकि उसके इलाज के लिए पैसे जा सकें। हमारी सुचरित फाउंडेशन भी इसके लिए खूब भागदौड़ करेगी, ताकि हम इस बच्ची को एक नया जीवन दे सकें और मां-बाप को यह बच्ची ठीकठाक वापस मिल सके। धन्यवाद जय हिंद। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी गुहार लगाई काशी, डॉ. रोहित दुबे पुरिया और डॉ. प्रकृति की बेटी है। उसका इलाज फिलहाल भोपाल एम्स की मेडिसिन एचओडी डॉ. भावना डिगरे की निगरानी में चल रहा है। इस बीमारी का प्रभावी इलाज ‘जीन थेरेपी’ है, जिसके लिए ‘जोलजेनस्मा’ इंजेक्शन लगाया जाता है। वालटिश कंपनी का ये इंजेक्शन विदेश से मंगवाना पड़ता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.72 मिलियन डॉलर है। जन्म के एक महीने बाद भी मूवमेंट नहीं दिखे डॉ. रोहित दुबे पुरिया भोपाल एम्स में मेडिसिन विभाग के सीनियर रेसिडेंट हैं। डॉ. प्रकृति हमीदिया अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ थीं। वे बीते एक साल से बेटी के कारण नौकरी नहीं कर पा रही हैं। डॉ. रोहित ने बताया कि काशी का जन्म 14 नवंबर 2025 को हुआ। जन्म के एक महीने बाद भी काशी के हाथ-पैरों में सामान्य मूवमेंट नहीं दिखे। शुरुआत में फिजियोथेरेपी कराई, लेकिन सुधार नहीं हुआ। ब्लड टेस्ट से हुई पुष्टि इसके बाद भोपाल में डॉ. महेश माहेश्वरी को दिखाया। उन्होंने बताया कि आपकी बेटी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नाम की बेहद दुर्लभ बीमारी है। बाद में ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई। SMA टाइप-1 एक गंभीर जेनेटिक डिसऑर्डर है, जिसमें मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं। समय रहते इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। ये खबर भी पढ़िए… डॉक्टर कपल की बेटी को दुर्लभ बीमारी, चाहिए 15 करोड़ उज्जैन में 5 महीने की मासूम आनुवांशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपए के जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जो भारत में उपलब्ध नहीं है। परिवार ने फंड रेज शुरू कर मदद की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी गुहार लगाई है। पढ़ें पूरी खबर…