मंदसौर में ठंड के साथ बूंदाबांदी, कुरावन में गिरे ओले:13 डिग्री पर पहुंचा पारा, अलाव का मिल रहा सहारा, ट्रेनें भी आ रहीं लेट
मंदसौर में ठंड के साथ बूंदाबांदी, कुरावन में गिरे ओले:13 डिग्री पर पहुंचा पारा, अलाव का मिल रहा सहारा, ट्रेनें भी आ रहीं लेट
मंदसौर सहित पूरे अंचल में इन दिनों ठंड का दौर जारी है और तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। सर्दी के कारण लोग अलाव जलाकर राहत पा रहे हैं तो वहीं सड़कों पर सुबह और रात घना कोहरा भी छा रहा है, जिससे आवागमन में काफी समस्या हो रही है। सोमवार रात 14 डिग्री दर्ज किया गया तो मंगलवार सुबह मंदसौर ओस की चादर में लिपटा रहा और वहीं सुबह का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साथ ही मन्दसौर शहर सहित जिले के नाहरगढ़, शामगढ़, बोतलगंज, गांधी सागर और भानपुरा क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। शामगढ़ के गांव कुरावन में ओले भी गिरे हैं। कोहरे के कारण ट्रेनें भी स्टेशन पहुंचने में लेट हो रही हैं। भगत की कोठी एक्सप्रेस लगभग 20 मिनिट देरी से मन्दसौर पहुंची तो वहीं इंदौर जोधपुर एक्सप्रेस भी करीब 25 मिनट लेट मन्दसौर पहुंची जिसके कारण लोगों को इंतजार करना पड़ा। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीन ज्लाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कडाके की ठंड पडती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकडे यही टेरंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होन से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कर्ड जिलो में बारिश हई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल र्भ छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शूरू हो गया है।
मंदसौर सहित पूरे अंचल में इन दिनों ठंड का दौर जारी है और तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। सर्दी के कारण लोग अलाव जलाकर राहत पा रहे हैं तो वहीं सड़कों पर सुबह और रात घना कोहरा भी छा रहा है, जिससे आवागमन में काफी समस्या हो रही है। सोमवार रात 14 डिग्री दर्ज किया गया तो मंगलवार सुबह मंदसौर ओस की चादर में लिपटा रहा और वहीं सुबह का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। साथ ही मन्दसौर शहर सहित जिले के नाहरगढ़, शामगढ़, बोतलगंज, गांधी सागर और भानपुरा क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। शामगढ़ के गांव कुरावन में ओले भी गिरे हैं। कोहरे के कारण ट्रेनें भी स्टेशन पहुंचने में लेट हो रही हैं। भगत की कोठी एक्सप्रेस लगभग 20 मिनिट देरी से मन्दसौर पहुंची तो वहीं इंदौर जोधपुर एक्सप्रेस भी करीब 25 मिनट लेट मन्दसौर पहुंची जिसके कारण लोगों को इंतजार करना पड़ा। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीन ज्लाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कडाके की ठंड पडती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकडे यही टेरंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होन से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कर्ड जिलो में बारिश हई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल र्भ छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शूरू हो गया है।