भ्रामक विज्ञापन से युवती को ठगा:उपभोक्ता फोरम ने जिम सेंटर पर लगाया 12 हजार का जुर्माना

इंदौर में एक जिम सेंटर द्वारा सोशल मीडिया, विज्ञापनों और पोस्टर्स के जरिए देशभर में अपनी कई ब्रांच होने का दावा किया गया, जिससे गुमराह होकर एक युवती ने जबलपुर ब्रांच में जिम ज्वाइन कर लिया। बाद में जब वह इंदौर ब्रांच में रेफर हुई, तो उसे एंट्री नहीं दी गई। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने जिम सेंटर पर 12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। फरियादी युवती अब जिम को "अनफिट" कराने के लिए स्टेट कमीशन में अपील करेगी। मामला इंदौर की आशा पति दिलीप ओव्हाल (26), निवासी आलोक नगर से जुड़ा है, जिन्हें नौकरी के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में जाना पड़ता है। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने नियमित जिम जाने का फैसला किया। 12 फरवरी 2020 को जबलपुर में उन्होंने ‘स्मार्ट जिम’ सेंटर का बोर्ड देखा, जिस पर इंदौर, पुणे, मुंबई, सागर, नरसिंहपुर, रीवा समेत कई शहरों में ब्रांच होने का दावा किया गया था। संदेह दूर करने के लिए आशा ने जिम की वेबसाइट भी देखी, जहां भी इन्हीं ब्रांचों की जानकारी दी गई थी। जब उन्होंने जिम स्टाफ से पूछा कि क्या वे दूसरी ब्रांच में भी एक्सेस पा सकेंगी, तो स्टाफ नेहा ने इसकी पुष्टि की और उन्हें इंदौर ब्रांच का पता भी दिया। आशा को विश्वास हुआ और उन्होंने 1999 रुपए फीस जमा कर 40 दिनों के लिए मेंबरशिप ली। उन्हें रसीद के साथ इंदौर ब्रांच का पता और मोबाइल नंबर भी दिया गया। इंदौर पहुंचने पर मिला धोखा 18 फरवरी 2020 को आशा इंदौर ब्रांच पहुंचीं, तो उन्हें जिम में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्हें जबलपुर ब्रांच से संपर्क करने को कहा गया। जब आशा ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो उन्हें इंदौर की दूसरी ब्रांच (नेहरू नगर) जाने को कहा गया, लेकिन वहां भी एंट्री नहीं मिली। पुलिस और उपभोक्ता फोरम में शिकायत भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का आरोप लगाते हुए आशा ने 20 फरवरी 2020 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि जिम सेंटर लगातार अपनी वेबसाइट अपडेट कर फर्जी ब्रांच दिखा रहा था। फेसबुक, पोस्टर्स, होर्डिंग्स पर भी गलत जानकारी दी जा रही थी। जब पुलिस से भी मदद नहीं मिली, तो आशा ने 27 फरवरी 2020 को उपभोक्ता फोरम (इंदौर) में परिवाद दायर किया। उन्होंने जिम सेंटर से 4 साल बाद आया फैसला चार साल की सुनवाई के बाद 20 फरवरी 2024 को उपभोक्ता फोरम ने आशा के पक्ष में फैसला सुनाया। फोरम ने आदेश दिया कि जिम सेंटर— अब स्टेट कमीशन में जाएगी पीड़िता फोरम के आदेश के बावजूद फरियादी आशा और उनके वकील सुनील रामचंदानी का कहना है कि जिम सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता स्टेट कमीशन में अपील कर जिम सेंटर पर सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।

भ्रामक विज्ञापन से युवती को ठगा:उपभोक्ता फोरम ने जिम सेंटर पर लगाया 12 हजार का जुर्माना
इंदौर में एक जिम सेंटर द्वारा सोशल मीडिया, विज्ञापनों और पोस्टर्स के जरिए देशभर में अपनी कई ब्रांच होने का दावा किया गया, जिससे गुमराह होकर एक युवती ने जबलपुर ब्रांच में जिम ज्वाइन कर लिया। बाद में जब वह इंदौर ब्रांच में रेफर हुई, तो उसे एंट्री नहीं दी गई। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने जिम सेंटर पर 12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। फरियादी युवती अब जिम को "अनफिट" कराने के लिए स्टेट कमीशन में अपील करेगी। मामला इंदौर की आशा पति दिलीप ओव्हाल (26), निवासी आलोक नगर से जुड़ा है, जिन्हें नौकरी के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में जाना पड़ता है। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने नियमित जिम जाने का फैसला किया। 12 फरवरी 2020 को जबलपुर में उन्होंने ‘स्मार्ट जिम’ सेंटर का बोर्ड देखा, जिस पर इंदौर, पुणे, मुंबई, सागर, नरसिंहपुर, रीवा समेत कई शहरों में ब्रांच होने का दावा किया गया था। संदेह दूर करने के लिए आशा ने जिम की वेबसाइट भी देखी, जहां भी इन्हीं ब्रांचों की जानकारी दी गई थी। जब उन्होंने जिम स्टाफ से पूछा कि क्या वे दूसरी ब्रांच में भी एक्सेस पा सकेंगी, तो स्टाफ नेहा ने इसकी पुष्टि की और उन्हें इंदौर ब्रांच का पता भी दिया। आशा को विश्वास हुआ और उन्होंने 1999 रुपए फीस जमा कर 40 दिनों के लिए मेंबरशिप ली। उन्हें रसीद के साथ इंदौर ब्रांच का पता और मोबाइल नंबर भी दिया गया। इंदौर पहुंचने पर मिला धोखा 18 फरवरी 2020 को आशा इंदौर ब्रांच पहुंचीं, तो उन्हें जिम में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्हें जबलपुर ब्रांच से संपर्क करने को कहा गया। जब आशा ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो उन्हें इंदौर की दूसरी ब्रांच (नेहरू नगर) जाने को कहा गया, लेकिन वहां भी एंट्री नहीं मिली। पुलिस और उपभोक्ता फोरम में शिकायत भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का आरोप लगाते हुए आशा ने 20 फरवरी 2020 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि जिम सेंटर लगातार अपनी वेबसाइट अपडेट कर फर्जी ब्रांच दिखा रहा था। फेसबुक, पोस्टर्स, होर्डिंग्स पर भी गलत जानकारी दी जा रही थी। जब पुलिस से भी मदद नहीं मिली, तो आशा ने 27 फरवरी 2020 को उपभोक्ता फोरम (इंदौर) में परिवाद दायर किया। उन्होंने जिम सेंटर से 4 साल बाद आया फैसला चार साल की सुनवाई के बाद 20 फरवरी 2024 को उपभोक्ता फोरम ने आशा के पक्ष में फैसला सुनाया। फोरम ने आदेश दिया कि जिम सेंटर— अब स्टेट कमीशन में जाएगी पीड़िता फोरम के आदेश के बावजूद फरियादी आशा और उनके वकील सुनील रामचंदानी का कहना है कि जिम सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता स्टेट कमीशन में अपील कर जिम सेंटर पर सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।