बिना हेलमेट बुलेट चलाते दिखे विधायक हार्डिया:इंदौर में पूर्व मंत्री का बिंदास अंदाज चर्चा में, टी-शर्ट और कैपरी में दिखाई दिए

इंदौर के विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए हैं। शहर की सड़कों पर उनका एक ऐसा बिंदास लुक देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया रॉयल एनफील्ड बुलेट चलाते नजर आए। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इतना ही नहीं, वे अपने पारंपरिक खादी परिधान की जगह टी-शर्ट और कैपरी में दिखाई दिए। विधायक का यह कूल अंदाज अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोगों पर कार्रवाई कर रही पुलिस हालांकि इस पूरे मामले ने ट्रैफिक नियमों और वीआईपी कल्चर को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में ट्रैफिक पुलिस आम लोगों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने को लेकर लगातार चालानी कार्रवाई कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा खुलेआम नियमों की अनदेखी किए जाने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रैफिक पुलिस आम नागरिकों की तरह पूर्व मंत्री पर भी कार्रवाई करेगी या मामला रसूख के चलते ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

बिना हेलमेट बुलेट चलाते दिखे विधायक हार्डिया:इंदौर में पूर्व मंत्री का बिंदास अंदाज चर्चा में, टी-शर्ट और कैपरी में दिखाई दिए
इंदौर के विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में आ गए हैं। शहर की सड़कों पर उनका एक ऐसा बिंदास लुक देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया रॉयल एनफील्ड बुलेट चलाते नजर आए। खास बात यह रही कि इस दौरान उन्होंने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इतना ही नहीं, वे अपने पारंपरिक खादी परिधान की जगह टी-शर्ट और कैपरी में दिखाई दिए। विधायक का यह कूल अंदाज अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोगों पर कार्रवाई कर रही पुलिस हालांकि इस पूरे मामले ने ट्रैफिक नियमों और वीआईपी कल्चर को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में ट्रैफिक पुलिस आम लोगों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने को लेकर लगातार चालानी कार्रवाई कर रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा खुलेआम नियमों की अनदेखी किए जाने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कानून बनाने वाले ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रैफिक पुलिस आम नागरिकों की तरह पूर्व मंत्री पर भी कार्रवाई करेगी या मामला रसूख के चलते ठंडे बस्ते में चला जाएगा।