पुणे पोर्श-कांड में आरोपियों की जमानत से पीड़ित परिवार नाराज:मृतक अश्विनी कोष्टा के पिता ने जांच पर उठाए सवाल; सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को दी जमानत

देश के बहुचर्चित पुणे पोर्श हिट एंड रन केस में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। ऐसे में अब पीड़ित परिवार की चिंता बढ़ गई है। हादसे में जान गंवाने वाली जबलपुर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा के पिता ने जमानत के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि इससे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि जमानत पर रिहा हुए आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और मामले के गवाहों को धमकाने की भी संभावना है। परिवार ने मांग की है कि जमानत पर छूटे आरोपियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। 'आरोपी गवाहों को धमकाएंगे' अश्विनी कोष्टा के पिता ने कहा कि, इन लोगों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। छूटने का बाद ये गवाहों को डराएंगे धमकाएंगे। सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे। पैसों से लोगों को खरीदने की कोशिश करेंगे। मैं चाहता हूं कि ये केस एक नजीर बने। 15 साल के बच्चे नशा करते हैं। अपराध करते हैं उनको वयस्क मानते हुए इनपर कार्रवाई करनी चाहिए। माफिया लोगों ने इसी नियम का फायदा उठाकर बच्चों से अपराध कराना शुरू कर दिया है। उन्होंने हादसे के समय पोर्श कार में पीछे बैठे दो अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज न किए जाने पर भी ऐतराज जताया। उनका कहना है कि हादसे के वक्त कार में मौजूद सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी पर केस चलाया जाना चाहिए। सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 3 लोगों को दी जमानत सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने 3 फरवरी को इस मामले में आरोपी आदित्य अविनाश सूद, आशीष सतीश मित्तल और अमर संतोष गायकवाड को जमानत दी है। इन तीनों पर जांच के दौरान खून के सैंपल से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग ने शराब के नशे में चढ़ा दी थी कार यह हादसा 19 मई 2024 को पुणे में हुआ था। शराब के नशे में एक नाबालिग युवक लग्जरी पोर्श कार चला रहा था, जिसने दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर की रहने वाली अश्विनी कोष्टा समेत दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था। ये खबर भी पढ़ें… पुणे पोर्शे एक्सीडेंट केस-सुप्रीम कोर्ट से 3 आरोपियों को जमानत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2024 के पुणे पोर्शे एक्सीडेंट मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी। कोर्ट ने ब्लड सैंपल बदलने की साजिश में आरोपी आशीष मित्तल, आदित्य सूद और अमर गायकवाड़ को जमानत देते हुए कहा कि इसका मतलब आरोपों से बरी करना नहीं है। जमानत के बावजूद ट्रायल पूरी तरह मेरिट के आधार पर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें… पुणे एक्सीडेंट में जबलपुर-उमरिया के इंजीनियर्स की मौत 18 मई की रात 2.15 बजे पुणे में हादसा हुआ था। अश्विनी और अनीश रेस्टोरेंट से निकलकर बाइक से जा रहे थे। कल्याणी नगर के पास हाई स्पीड पोर्शे कार ने दोनों को कुचल दिया। अश्विनी और अनीश की मौके पर ही मौत हो गई थी। कार पुणे के बिल्डर का नाबालिग बेटा चला रहा था। वह नशे में था। पूरी खबर पढ़ें…

पुणे पोर्श-कांड में आरोपियों की जमानत से पीड़ित परिवार नाराज:मृतक अश्विनी कोष्टा के पिता ने जांच पर उठाए सवाल; सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को दी जमानत
देश के बहुचर्चित पुणे पोर्श हिट एंड रन केस में सुप्रीम कोर्ट ने तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। ऐसे में अब पीड़ित परिवार की चिंता बढ़ गई है। हादसे में जान गंवाने वाली जबलपुर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा के पिता ने जमानत के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि इससे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि जमानत पर रिहा हुए आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और मामले के गवाहों को धमकाने की भी संभावना है। परिवार ने मांग की है कि जमानत पर छूटे आरोपियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। 'आरोपी गवाहों को धमकाएंगे' अश्विनी कोष्टा के पिता ने कहा कि, इन लोगों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। छूटने का बाद ये गवाहों को डराएंगे धमकाएंगे। सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे। पैसों से लोगों को खरीदने की कोशिश करेंगे। मैं चाहता हूं कि ये केस एक नजीर बने। 15 साल के बच्चे नशा करते हैं। अपराध करते हैं उनको वयस्क मानते हुए इनपर कार्रवाई करनी चाहिए। माफिया लोगों ने इसी नियम का फायदा उठाकर बच्चों से अपराध कराना शुरू कर दिया है। उन्होंने हादसे के समय पोर्श कार में पीछे बैठे दो अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज न किए जाने पर भी ऐतराज जताया। उनका कहना है कि हादसे के वक्त कार में मौजूद सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी पर केस चलाया जाना चाहिए। सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 3 लोगों को दी जमानत सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने 3 फरवरी को इस मामले में आरोपी आदित्य अविनाश सूद, आशीष सतीश मित्तल और अमर संतोष गायकवाड को जमानत दी है। इन तीनों पर जांच के दौरान खून के सैंपल से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग ने शराब के नशे में चढ़ा दी थी कार यह हादसा 19 मई 2024 को पुणे में हुआ था। शराब के नशे में एक नाबालिग युवक लग्जरी पोर्श कार चला रहा था, जिसने दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर की रहने वाली अश्विनी कोष्टा समेत दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था। ये खबर भी पढ़ें… पुणे पोर्शे एक्सीडेंट केस-सुप्रीम कोर्ट से 3 आरोपियों को जमानत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2024 के पुणे पोर्शे एक्सीडेंट मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी। कोर्ट ने ब्लड सैंपल बदलने की साजिश में आरोपी आशीष मित्तल, आदित्य सूद और अमर गायकवाड़ को जमानत देते हुए कहा कि इसका मतलब आरोपों से बरी करना नहीं है। जमानत के बावजूद ट्रायल पूरी तरह मेरिट के आधार पर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें… पुणे एक्सीडेंट में जबलपुर-उमरिया के इंजीनियर्स की मौत 18 मई की रात 2.15 बजे पुणे में हादसा हुआ था। अश्विनी और अनीश रेस्टोरेंट से निकलकर बाइक से जा रहे थे। कल्याणी नगर के पास हाई स्पीड पोर्शे कार ने दोनों को कुचल दिया। अश्विनी और अनीश की मौके पर ही मौत हो गई थी। कार पुणे के बिल्डर का नाबालिग बेटा चला रहा था। वह नशे में था। पूरी खबर पढ़ें…