कीड़ों की तरह रेंगकर शिक्षा मंत्री आवास पहुंचे कैंडिडेट्स:यूपी 69000 शिक्षक भर्ती रिजर्वेशन घोटाले के खिलाफ कैंडिडेट्स का अनोखा प्रदर्शन
कीड़ों की तरह रेंगकर शिक्षा मंत्री आवास पहुंचे कैंडिडेट्स:यूपी 69000 शिक्षक भर्ती रिजर्वेशन घोटाले के खिलाफ कैंडिडेट्स का अनोखा प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडिडेट्स कीड़ों की तरह रेंगकर यूपी शिक्षा मंत्री के आवास पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। कैंडिडेट्स यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कैंडिडेट्स इस तरह से चीफ जस्टिस के ‘कॉकरोज’ वाले बयान का भी प्रतिकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कीड़ा समझा, इसीलिए रेंग कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। 18 मई की दोपहर कड़ी धूप में ये प्रोटेस्टर्स सड़क पर रेंगकर लखनऊ में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पंहुचे और वहां प्रदर्शन किया। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप साल 2019 में यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा करवाई थी। इसका नोटिफिकेशन 2018 में जारी हुआ था। इसी भर्ती में OBC कैटेगरी में टोटल 18,598 सीटें थीं, लेकिन OBC कैंडिडेट्स को सिर्फ 2,637 सीटें ही दी गईं। प्रोटेस्ट कर रहे कैंडिडेट्स का आरोप है कि OBC को 27% की जगह सिर्फ 3.86% ही रिजर्वेशन दिया गया। इसी तरह से SC कैंडिडेट्स को 21% की जगह 16.6% ही आरक्षण मिला। कैंडिडेट्स का आरोप है कि इस भर्ती में बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का उल्लंघन किया गया है। आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को दी गई हैं।
ये मामला 2024 से सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में पेंडिग इस केस में सरकार की तरफ से पैरवी नहीं की जा रही है। इसकी वजह से मामले में कोई सेटलमेंट नहीं हो पा रहा है और ये केस अब तक सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग ही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस केस में सरकार अपना वकील कर इसमें पैरवी करे ताकि मामला जल्द सेटल हो सके। NCBC और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना रिजर्वेशन रूल का पालन नहीं हुआ 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज यानी NCBC ने आरक्षण नियमों का पालन नहीं होने पर यूपी सरकार से जवाब मांगा था। साथ ही आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई करने को भी कहा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अगस्त 2024 में ही 69000 शिक्षक भर्ती की पूरी लिस्ट को रद्द करते हुए बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का पालन करते हुए 3 महीने के अंदर पूरी लिस्ट को जारी करने का आदेश दिया। सीएम योगी ने कहा- जल्द भर्ती निकलेगी यूपी गवर्नमेंट ने आखिरी बार 2019 में PRT यानी प्राथमिक शिक्षक के लिए 69,000 भर्ती निकाली थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक स्तर पर कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं निकाली है। इसी तरह से TGT/PGT यानी माध्यमिक शिक्षक के लिए आखिरी बार 2022 में लगभग 3,539 पदों पर भर्ती निकाली थी। ये भर्ती माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने निकाली थी। स्कूलों में 46,944 पद खाली, शिक्षा मंत्री बोले- 'पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक' इसी साल फरवरी में यूपी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से भर्ती निकालने से इनकार किया था। विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने पूछा था कि क्या सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में नई शिक्षक भर्ती शुरू करने जा रही है। इसके जवाब में मंत्री ने लिखित में बताया था कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक शिक्षकों के 46,944 पद खाली हैं। हालांकि, सरकार 2022 के बाद TET पास कैंडिडेट्स के लिए नई भर्ती निकालने पर विचार नहीं करेगी। मंत्री ने कहा था कि परिषद के स्कूलों में फिलहाल पर्याप्त शिक्षक और शिक्षामित्र काम कर रहे हैं।
पहले भी कई बार प्रदर्शन हुए, इसी साल 3 बार प्रोटेस्ट इस मामले को लेकर कई बार प्रोटेस्ट हुए हैं। 18 मई के अलावा, 22 अप्रैल और 2 फरवरी को कैंडिडेट्स ने प्रोटेस्ट किया। पिछले साल भी 25 अक्तूबर 2025 को गुस्साए कैंडिडेट्स ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास का घेराव किया था और जमकर नारेबाजे की थी। इसके अलावा भी अगस्त, मई 2025 में प्रदर्शन हुए। 2024 में सितंबर, फरवरी और जनवरी में प्रोटेस्ट हुए। नवंबर 2023 और 2021 में दिसंबर, अगस्त, जुलाई, जून में प्रदर्शन हुए। स्टोरी - सोनाली राय
---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… CBSE ने पर-क्वेश्चन रीवैल्यूएशन फीस 100 से घटाकर 25 की: एक नंबर भी बढ़ा तो पूरी फीस वापस होगी, छात्रों के विरोध के बाद फैसला शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडिडेट्स कीड़ों की तरह रेंगकर यूपी शिक्षा मंत्री के आवास पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। कैंडिडेट्स यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कैंडिडेट्स इस तरह से चीफ जस्टिस के ‘कॉकरोज’ वाले बयान का भी प्रतिकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कीड़ा समझा, इसीलिए रेंग कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। 18 मई की दोपहर कड़ी धूप में ये प्रोटेस्टर्स सड़क पर रेंगकर लखनऊ में शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पंहुचे और वहां प्रदर्शन किया। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप साल 2019 में यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा करवाई थी। इसका नोटिफिकेशन 2018 में जारी हुआ था। इसी भर्ती में OBC कैटेगरी में टोटल 18,598 सीटें थीं, लेकिन OBC कैंडिडेट्स को सिर्फ 2,637 सीटें ही दी गईं। प्रोटेस्ट कर रहे कैंडिडेट्स का आरोप है कि OBC को 27% की जगह सिर्फ 3.86% ही रिजर्वेशन दिया गया। इसी तरह से SC कैंडिडेट्स को 21% की जगह 16.6% ही आरक्षण मिला। कैंडिडेट्स का आरोप है कि इस भर्ती में बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का उल्लंघन किया गया है। आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को दी गई हैं।
ये मामला 2024 से सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है। प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में पेंडिग इस केस में सरकार की तरफ से पैरवी नहीं की जा रही है। इसकी वजह से मामले में कोई सेटलमेंट नहीं हो पा रहा है और ये केस अब तक सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग ही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस केस में सरकार अपना वकील कर इसमें पैरवी करे ताकि मामला जल्द सेटल हो सके। NCBC और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना रिजर्वेशन रूल का पालन नहीं हुआ 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज यानी NCBC ने आरक्षण नियमों का पालन नहीं होने पर यूपी सरकार से जवाब मांगा था। साथ ही आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई करने को भी कहा था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अगस्त 2024 में ही 69000 शिक्षक भर्ती की पूरी लिस्ट को रद्द करते हुए बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल 1994 का पालन करते हुए 3 महीने के अंदर पूरी लिस्ट को जारी करने का आदेश दिया। सीएम योगी ने कहा- जल्द भर्ती निकलेगी यूपी गवर्नमेंट ने आखिरी बार 2019 में PRT यानी प्राथमिक शिक्षक के लिए 69,000 भर्ती निकाली थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक स्तर पर कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं निकाली है। इसी तरह से TGT/PGT यानी माध्यमिक शिक्षक के लिए आखिरी बार 2022 में लगभग 3,539 पदों पर भर्ती निकाली थी। ये भर्ती माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने निकाली थी। स्कूलों में 46,944 पद खाली, शिक्षा मंत्री बोले- 'पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक' इसी साल फरवरी में यूपी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से भर्ती निकालने से इनकार किया था। विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने पूछा था कि क्या सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में नई शिक्षक भर्ती शुरू करने जा रही है। इसके जवाब में मंत्री ने लिखित में बताया था कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक शिक्षकों के 46,944 पद खाली हैं। हालांकि, सरकार 2022 के बाद TET पास कैंडिडेट्स के लिए नई भर्ती निकालने पर विचार नहीं करेगी। मंत्री ने कहा था कि परिषद के स्कूलों में फिलहाल पर्याप्त शिक्षक और शिक्षामित्र काम कर रहे हैं।
पहले भी कई बार प्रदर्शन हुए, इसी साल 3 बार प्रोटेस्ट इस मामले को लेकर कई बार प्रोटेस्ट हुए हैं। 18 मई के अलावा, 22 अप्रैल और 2 फरवरी को कैंडिडेट्स ने प्रोटेस्ट किया। पिछले साल भी 25 अक्तूबर 2025 को गुस्साए कैंडिडेट्स ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास का घेराव किया था और जमकर नारेबाजे की थी। इसके अलावा भी अगस्त, मई 2025 में प्रदर्शन हुए। 2024 में सितंबर, फरवरी और जनवरी में प्रोटेस्ट हुए। नवंबर 2023 और 2021 में दिसंबर, अगस्त, जुलाई, जून में प्रदर्शन हुए। स्टोरी - सोनाली राय
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