अवैध धर्मांतरण मामले में दो पास्टर सहित सात पर FIR:झाबुआ के मदरानी गांव में आदिवासी युवक से मारपीट का आरोप

झाबुआ जिले के मदरानी गांव में कथित अवैध धर्मांतरण और आदिवासी युवक से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो ईसाई पास्टर और पांच अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सर्व आदिवासी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार देर रात की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 131, 352, 351(3), 3(5) तथा मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को हुई। ग्राम मदरानी निवासी आदिवासी युवक गेंदाल डामोर जब अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में दो ईसाई पास्टर और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने युवक पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया। युवक द्वारा मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और धर्म परिवर्तन नहीं करने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उस पर पत्थर फेंके गए, जिससे उसे चोटें आईं। आरोपियों द्वारा उसके घर की ओर भी पत्थर फेंकने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्व आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने थाना काकनवानी और मदरानी चौकी पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रात में ही बड़ी संख्या में हिंदू वादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा गया कि आदिवासी क्षेत्रों में लालच, दबाव और धमकी के माध्यम से अवैध धर्मांतरण के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। आदिवासी समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि भोले-भाले आदिवासियों को निशाना बनाकर उनकी परंपरा, संस्कृति और पहचान को कमजोर किया जा रहा है।

अवैध धर्मांतरण मामले में दो पास्टर सहित सात पर FIR:झाबुआ के मदरानी गांव में आदिवासी युवक से मारपीट का आरोप
झाबुआ जिले के मदरानी गांव में कथित अवैध धर्मांतरण और आदिवासी युवक से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो ईसाई पास्टर और पांच अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई सर्व आदिवासी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार देर रात की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 131, 352, 351(3), 3(5) तथा मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को हुई। ग्राम मदरानी निवासी आदिवासी युवक गेंदाल डामोर जब अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में दो ईसाई पास्टर और कुछ स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने युवक पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया। युवक द्वारा मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और धर्म परिवर्तन नहीं करने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उस पर पत्थर फेंके गए, जिससे उसे चोटें आईं। आरोपियों द्वारा उसके घर की ओर भी पत्थर फेंकने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही सर्व आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने थाना काकनवानी और मदरानी चौकी पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रात में ही बड़ी संख्या में हिंदू वादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा गया कि आदिवासी क्षेत्रों में लालच, दबाव और धमकी के माध्यम से अवैध धर्मांतरण के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। आदिवासी समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि भोले-भाले आदिवासियों को निशाना बनाकर उनकी परंपरा, संस्कृति और पहचान को कमजोर किया जा रहा है।